हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कुरुक्षेत्र को धर्म और सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बताते हुए कहा कि सरकार इस पवित्र शहर में भारत माता का मंदिर बनाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार यहां आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों को सभी सुविधाएं देने के लिए आधारभूत संरचना का विकास करेगी। कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2019 के संबंध में संवादाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा कि भारत माता का मंदिर करीब पांच एकड़ जमीन पर बनेगा और यह ज्योतिसर और ब्रह्मसरोवर के बीच कहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की शुरुआत 23 नवंबर को हुई और यह 10 दिसंबर तक चलेगा।
खट्टर ने प्रस्तावित मंदिर के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘भारत माता का मंदिर लोगों के लिए प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र और एकता का प्रतीक होगा।’ मुख्यमंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र को प्रमुख पर्यटन स्थल और लोगों के बीच धार्मिक विश्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार नई नीति बना रही है जिसके तहत विभिन्न राज्यों को 1,500 से 2,000 वर्ग मीटर जमीन रियायती दर पर आवंटित की जाएगी ताकि वे वहां जाने वाले यात्रियों के लिए ‘भवनों’ का निर्माण कर सके। खट्टर ने बताया कि गीता महोत्सव में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह राहत सहित विभिन्न हस्तियां भी शामिल होंगी।
Haryana CM: We’ll build ‘Bharat Mata Temple’ in 5-acre land in Kurukshetra. Land will be somewhere between Jyotisar & Brahma Sarovar. Got suggestions that it should be made even on a larger scale with the name ‘Bharat Darshan’, Kurukshetra will become religious & cultural centre. pic.twitter.com/2n98tFXLtG
— ANI (@ANI) November 25, 2019
हालांकि हरियाणा के सीएम द्वारा मंदिर निर्माण की घोषणा के बाद से ही भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर हैं। कई यूजर्स ने सीएम के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अच्छा होता सरकार हॉस्पिटल या कॉलेज खुलवाती। एक यूजर लिखते हैं, ‘प्रदेश में भारत माता मंदिर पहले से ही था।’ सौरभ सरकार के फैसले पर तंज कसते हुए लिखते हैं, ‘इसके बजाय भारत माता की एक छोटी सी मूर्ति सरकारी कॉलेज खोलकर उसमें स्थापित करें। बाकी बची धनराशि को विश्व स्तर की रिसर्च लैब बनाने में खर्च करें। एक यूजर लिखते हैं, ‘ये भारत मंदिर का निर्माण सदियों से करते आ रहे हैं।’
इसी तरफ खेमराज ठाकुर तंज कसते हुए लिखते हैं, ‘अच्छा है। ये गरीबी मिटा देगा। रोजगार पैदा होगा। प्रदूषण की समस्या का निदान हो जाएगा। डूबती हुई अर्थव्यवस्था को बी बचाया जा सकेगा।’ देवेश सिंह लिखते हैं, ‘अभी मंदिर बनाने का काम भी शुरू नहीं हुआ और योगी नाम बदलने की सलाह भी दे डाली।’ (भाषा इनपुट)
यहां देखें ट्वीट-



