भारतीय सेना में सैनिकों की संख्या कम कर सेना को ज्यादा प्रभावी और तकनीक से लैस बनाने की बातें की जा रही है। गौरतलब है कि इसके अध्ययन के लिए सरकार ने एक सदस्यीय पैनल का गठन भी किया है। अब इस पैनल ने सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, इन सिफारिशों में सेना के संख्या बल में कटौती करने, स्पेशल फोर्सेज के गठन, और सेना में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एक नए निदेशालय के गठन की बात कही है। बता दें कि सरकार द्वारा गठित पैनल में एकमात्र सदस्य नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों ने पहचान उजागर ना करने की शर्त पर बताया कि पैनल ने बीते नवंबर में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। ऐसी खबरें हैं कि सेना पैनल द्वारा सुझायी गई सिफारिशों को परखने के लिए इसे दो कॉर्प्स हेडक्वार्टर में इसे 2 साल के लिए लागू कर सकती है।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि पैनल ने जो सिफारिशें की हैं, उनमें यह अहम है कि या तो हम 100% एक्टिव आर्मी रखें या फिर हम अमेरिका और इजरायल की तरह रिजर्व आर्मी रखें। पैनल द्वारा सुझायी गई सिफारिशों के मुताबिक, युद्ध के लिए कॉम्बैट और लॉजिस्टिक यूनिट्स की कुछ टुकड़ियां प्रयोग के तौर पर रखी जा सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व फोर्स साल में तीन महीने के लिए ट्रेनिंग करेंगी, ताकि आपात स्थिति में वो तैयार रह सकें। माना जा रहा है कि पैनल की सिफारिशें यदि लागू की जाती हैं तो इससे सेना के कार्यबल में 20% तक की कमी हो सकती है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, पैनल का प्रस्ताव पूरी तरह से परखे जाने के योग्य है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि रिजर्व फोर्स का मॉडल हमारी गतिशीलता और तैयारियों को कितना प्रभावित करेगा!
पैनल की रिपोर्ट में सेना की स्पेशल फोर्सेज की भूमिका के बारे में भी खूब चर्चा की गई है। रिपोर्ट में देश के बेहतरीन कमांडोज को सामरिक अभियानों में शामिल करने के बजाए रणनीतिक तैयारियों में उनके अनुभव का इस्तेमाल करने की बात की गई है। बता दें कि सेना की स्पेशल फोर्सेज इस समय जम्मू कश्मीर और उत्तर पूर्वी राज्यों में तैनात है और वहां आतंक-रोधी अभियानों का संचालन कर रही हैं। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि ये काम सामान्य सैनिकों से लिया जाना चाहिए और स्पेशल फोर्सेज से रणनीतिक स्तर पर काम लिया जाना चाहिए। रिपोर्ट में स्पेशल फोर्सेज कमांडोज की ब्रिगेड को सीधे सेना मुख्यालय के अंदर लाया जाए।
रिपोर्ट में सेना के अत्याधुनिक तकनीक से भी लैस करने की बात की गई है। इसके लिए एक नई 3 स्टार पोस्ट बनाने की बात की गई है। रिपोर्ट में सेना के लिए रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और अन्य तकनीक के इस्तेमाल की संस्तुति की गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य पैनल की रिपोर्ट पर विचार विमर्श करेंगे। बता दें कि बीते अक्टूबर में भी हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में सेना चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी सेना में कटौती की बात की थी।
