सबरीमाला सोना चोरी घोटाले को लेकर स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसटीएफ) ने कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है कि मंदिर की और भी कलाकृतियों से सोना गायब है।

केरल हाईकोर्ट के आदेश में जांच कर रही एसआईटी ने द्वारपालक मूर्तियों और मंदिर के गर्भगृह के दरवाजों से गायब सोने के संबंध में दो मामले दर्ज किए थे।

कई कलाकृतियों से सोना गायब

हालांकि, कोल्लम की विजलेंस कोर्ट में पेश की गई एक रिपोर्ट में जिसमें एसआईटी ने कथित आरोपियों की हिरासत मांगी है, एजेंसी ने कहा है कि यह घोटाला केवल दो कलाकृतियों तक सीमित नहीं है।

आगे कहा गया है कि मंदिर के प्रभा मंडलम में सात तांबे की प्लेटों से सोना गायब है, जो शिव और व्याली रूपम की मूर्तियों को ढकता है।

जानकारी दे दें कि पहले माना जा रहा था कि सिर्फ द्वारपालक की दो मूर्तियों से सोना गायब है, लेकिन अब जांच में सामने आ रहा कि 7 और पैनलों से सोना गायब है।

केमिकल का इस्तेमाल कर सोने को किया अलग

रिपोर्ट में कहा गया कि चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशन्स में केमिकल का इस्तेमाल कर सोने को अलग किया गया है और वर्तमान में यह बेल्लारी स्थित ज्वेलर गोवर्धन रोड्डम के कब्जे में है।

एसआईटी ने गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में शामिल तीन आरोपियों स्वयंभू प्रायोजक उन्नीकृष्णन पोट्टी, गोवर्धन रोड्डम और चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशन्स के पंकज भंडारी की हिरासत मांगी है।

इसरो से मांगी है मदद

एसआईटी ने कोर्ट को यह भी बताया कि उन्होंने मंदिर में विभिन्न कलाकृतियों पर सोने की परत चढ़ाने की सही मात्रा का पता लगाने के लिए इसरो के एक केंद्र वीएसएससी-तिरुवनंतपुरम से टेक्निकल सपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीएसएससी के साइंटिस्ट सोने से ढकी तांबे की प्लेटों से नमूने एकत्र करेंगे।

एसआईटी ने अब तक तीन सीपीआई (एम) नेताओं समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें पूर्व विधायक ए पद्मकुमार भी शामिल हैं। पिछले हफ्ते, एसआईटी ने पूर्व मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन से पूछताछ की, जो 2019 में देवस्वम मंदिर के मंत्री थे, जब मंदिर में कथित चोरी की घटना हुई थी।

अक्टूबर में सामने आया था मामला

सबरीमाला मंदिर तब सुर्खियों में आया जब केरल हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2025 में मंदिर की कीमती चीजों और सोने से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया।

इसमें कोर्ट ने पूर्व जज के.टी.शंकरन को मंदिर की कीमती वस्तुओं की लिस्ट तैयार करने का काम दिया और मंदिर के विजिलेंस ऑफिसर को मंदिर में सभी गड़बड़ियों के जांच करने का निर्देश दिया।

विजिलेंस ऑफिसर की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के गर्भगृह स्थित द्वारपाल मूर्तियों पर चढ़ा सोने का आवरण कोर्ट को बिना बताए हटा दिया गया था। उम्मीद की जा रही कि इस खुलासे के बाद राज्य में सत्ताधारी पार्टी सीपीआई (एम) पर और दबाव बढ़ सकता है।

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