पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। पूर्व पीएम ने शुक्रवार (7 सितंबर) को दिल्ली में कहा, ‘हमारे युवा बेसब्री से 2 करोड़ नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं जिनका वादा किया गया था। पिछले 4 वर्षों में रोजगार वृद्धि दर में कमी आई है। भारी मात्रा में नौकरियां पैदा की गईं, इसे साबित करने के लिए मोदी सरकार के द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़ों से लोग प्रभावित नहीं हैं।’ मनमोहन ने कहा, ‘मेक इंन इंडिया और स्टैंड अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों का अभी औद्योगिक उत्पादन वृद्धि पर सार्थक प्रभाव बाकी है। छोटे और सीमांत उद्यमों को अभी कारोबार की सरलीकरण योजनाओं से महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त करना बाकी है। जल्दबादी में अमल में लाई गई नोटबंदी और जीएसटी ने उद्यमों को नुकसान पहुंचाया है।’
पूर्व पीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर कृषि संकट, खराब आर्थिक स्थिति और पड़ोसी देशों के साथ बिगड़ते संबंधों का आरोप लगाया। वह कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की किताब ‘शेड्स ऑफ ट्रथ-ए जर्नी डिरेल्ड’ के लांच के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने देश में मौजूद कृषि संकट का सकारात्मक ढंग से सामना नहीं किया। किसान को अभी तक उनके उत्पाद के लाभकारी मूल्य नहीं दिए गए।’ मनमोहन ने कहा कि सिब्बल की किताब मोदी सरकार के चार वर्षो के कार्यकाल का समग्र विश्लेषण है। उन्होंने कहा, ‘इसमें सरकार द्वारा 2014 लोकसभा चुनाव से पहले किए गए उन असफल वादों के बारे में बताया गया है, जिसे सरकार पूरा करने में विफल रही।’
Our youth are desperately waiting for the promised 2 Crore jobs. Employment growth rate has been declining in last 4 years. People aren't impressed with the figures being put out by Modi govt to justify creation of large number of jobs: Former PM Manmohan Singh in Delhi pic.twitter.com/xazQra25EB
— ANI (@ANI) September 7, 2018
मनमोहन ने कहा, ‘महिला, दलित और अल्पसंख्यक असुरक्षा के माहौल में रह रहे हैं। मोदी सरकार धीरे ही सही, लेकिन उन मूल्यों को समाप्त कर रही है, जिसकी रक्षा किसी भी लोकतांत्रिक पार्टी को करनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध बीते चार वर्षो में बहुत खराब हो गए हैं। मोदी सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से संबंधित समस्याएं सुलझाने में विफल रही है।”
Prog like Make in India&Stand Up India yet to make meaningful impact on industrial production growth. Small&marginal enterprises yet to derive significant benefit from ease of doing business schemes. Demonetisation& GST's hasty implementation has hurt enterprises: Manmohan Singh pic.twitter.com/y7iZbmAE9p
— ANI (@ANI) September 7, 2018
(आईएएनएस इनपुट के साथ)

