आइएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से पांच घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले गुरुवार को उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से इसी मामले में ईडी ने छह घंटे तक पूछताछ की थी। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर आइएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी दी गई और इसके बदले करोड़ों रुपए की घूस ली गई। इस मामले में सीबीआइ द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था और आइएनएक्स मीडिया को विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) की मंजूरी में गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था। यह मंजूरी दि­ए जाने के दौरान यूपीए सरकार में पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत बयान दर्ज कराने के लिए तलब किए गए चिदंबरम सुबह करीब 11 बजे मध्य दिल्ली स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे। रफाल सौदे के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ संवाददाता सम्मेलन में शामिल होने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ईडी के दफ्तर पहुंचे।

पूरे दिन उनसे धनशोधन को लेकर पूछताछ चलती रही। उनसे आइएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश को मंजूरी देने की वजह पूछी गई। पूछा गया कि आखिर मंजूरी देते वक्त उन्होंने नियमों का पालन क्यों नहीं किया। उनकी तमाम संपत्तियों से जुड़े सवाल भी पूछे गए। आइएनएक्स मीडिया को वर्ष 2007 में 305 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश मिला। इस मामले में सीबीआइ ने 15 मई 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी।