सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्विनी कुमार अपने हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अपने आवास पर बुधवार को मृत पाए गए। पुलिस ने उनके शव को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी आत्महत्या की आशंका भी जताई जा रही है। इस संबंध में पुलिस सीपीसी के सेक्शन 174 के तहत कार्रवाई कर रही है।वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई ने शिमला एसपी मोहित चावला के हवाले से बताया कि पूर्व गवर्नर का शव उनके आवास पर लटकता पाया गया।

अश्विनी कुमार मणिपुर और नगालैंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं। अश्विनी कुमार का जन्म हिमाचल के सिरमौर जिले के नाहन में हुआ था। 1973 में भारतीय पुलिस सेवा में चयन होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर अलॉट हुआ था।  वह शिमला में 1985 में एसपी भी रहे।  एसपीजी के गठन के बाद उन्होंने यहां 1990 तक काम किया।

अगस्त 2006 में अश्विनी कुमार को हिमाचल प्रदेश का डीजीपी नियुक्त किया गया। जुलाई 2008 में राज्य के पहले पुलिस अधिकारी थे जिन्हें सीबीआई का निदेशक बनाया गया। वह साल 2010 में रिटायर हुए। इसके बाद वह एमबीए के छात्रों को पढ़ाने में लग गए। वह कई संस्थानों में विजिटिंग फैकल्टी रहे। मार्च 2013 से जुलाई 2014 तक वह नगालैंड के गवर्नर रहे। उन्हें कुछ समय के लिए मणिपुर के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया। बहुचर्चित आरुषि तलवार हत्या कांड के दौरान वह सीबीआई के निदेशक पद पर थे।