‘इंडिया इज नॉट जस्ट डेवलपिंग, इंडिया इज रिक्लेमिंग (भारत सिर्फ विकास नहीं बल्कि जड़ों की ओर वापसी भी कर रहा है)’। मासूम चेहरे की पोलैंड की महिला जब यूट्यूब और अन्य सोशल साइटों पर भारत में गाय की महिमा की चर्चा करती है, विमुद्रीकरण की तारीफ करती है तो ‘राष्टवादियों’ का खेमा इस ‘विदेशी भक्त’ को सोशल साइटों पर प्रचारित-प्रसारित करने में जुट जाता है। साड़ी पहन कर भव्य सिंहासननुमा कुर्सी पर भुजाएं फड़काने वाले पार्श्व संगीत के साथ गौ महिमा का उनका वीडियो उस ‘असली भारत’ का प्रचार करता है जैसे भारत के बारे में 14 मई 2014 के बाद सरकार से जुड़ा हिंदूवादी खेमा कर रहा है। गाय, योग और आयुर्वेद की महिमा के साथ वे बलात्कार जैसे मुद्दों पर भी परंपरागत भारतीय सोच को आगे बढ़ाते हुए बढ़ते हुए बलात्कार की ‘खबरों’ का ठीकरा ‘भ्रष्ट मीडिया’ पर फोड़ती हैं। वे भारत की अर्थव्यवस्था का बखान करते हुए तर्क देती हैं कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रति व्यक्ति उपभोग के आधार पर किसी देश की अर्थव्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता है। नोटबंदी को कैरोलिना वैसा अभियान बताती हैं जिसने संगठित अपराध करने वालों की जिंदगी को मुश्किल में डाल दिया।
नोटबंदी के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न पक्षों को लेकर सरकार के समर्थन में जुटे ‘राष्टवादी’ खेमे को जिस तरह से ‘नापसंदगी’ का शिकार होना पड़ा था और गुस्साए लोगों से बचने के लिए चुप हो जाना पड़ता था उनके लिए कैरोलिना का हिंदूवादी वीडियो और लेख मरहम की तरह हैं, इसलिए इसका प्रचार-प्रसार भी खूब है। साड़ी और अन्य परंपरागत परिधानों में कैरोलिना गोस्वामी भारत की सभ्यता संस्कृति का जिस तरह से महिमामंडन करती हैं उससे प्रभावित होकर फेसबुक पर उनका एक पेज भी बना दिया गया है। भारत में एक खास तबके को शिकायत है कि विदेशी विद्वानों और लेखकों ने बाकी पेज 8 पर
भारत को जादू-टोनों और संपेरों का देश भर दिखाने की कोशिश की है। और इसी तबके को खुश करते हुए कैरोलिना अपनी वेबसाइट ‘इंडिया इन डिटेल्स’ के आवरण पृष्ठ पर लिखती हैं, ‘अब वह समय आ गया है कि दुनिया असली भारत के बारे में जाने’।
अपनी वेबसाइट पर कैरोलिना ने सिर पर पल्लू रख कर भी अपनी तस्वीर लगाई है। तो कैरोलिना का ‘असली भारत’ क्या है? भारत में राजमार्गों, सड़कों से लेकर गलियों तक में घूमती गायों को कोसने वाले लोगों को वे 6000 साल पहले पीछे जाकर देखने की सलाह देती हैं ‘जब मानव रूप में ईश्वर के सर्वोच्च रूप ने एक चरवाहे के पुत्र के रूप में मथुरा में जन्म लिया था’। कैरोलिना कहती हैं कि पूरी दुनिया को यह समझने के लिए सिर्फ यही कारण काफी है कि हिंदुओं के लिए गाय पवित्र क्यों है। वे ‘वैदिक गाय के दूध’ की पौष्टिकता का बखान भी वैदिक युग से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक शोध के संदर्भ में करती हैं। वे बताती हैं कि गोमूत्र का सेवन कैंसर, एड्स, मधुमेह और अन्य तरह के संक्रमण से भी बचा सकता है। मांस खाने वालों को हतोत्साहित करते हुए जिक्र करती हैं कि मांस तैयार करने की प्रक्रिया में भारी मात्रा में पानी की बर्बादी होती है और बताती हैं कि मांस ही प्रोटीन का एकमात्र स्रोत नहीं है। इसके साथ ही कमजोर और बीमार गायों को मारने को भी वे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताती हैं।
कैरोलिना बलात्कार के मामलों में भी भारतीय समाज की पुरजोर वकालत करती हैं और सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाओं को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए ‘भ्रष्ट मीडिया’ को जिम्मेदार ठहराती है। वे कहती हैं कि आपने टेक्सास, डेट्रायट या लास एंजिलिस के बलात्कार मामलों के बारे में नहीं सुना होगा। वे बलात्कार के मामलों को तूल देने की वजह दो लोगों के बीच दुश्मनी के कारण बलात्कार के झूठे मामले दर्ज करवाना भी मानती हैं। इसके लिए वे सहजीवन और दोस्ती में बने संबंधों का भी खास तौर पर जिक्र करती हैं। सहजीवन या दोस्ती में संबंध बनते हैं और रिश्ता टूटने के बाद महिलाएं यह तय कर सकती हैं कि उनके साथ बलात्कार हुआ था। वे कहती हैं कि पुरुष ने अगर शादी करने से इनकार किया तो भारतीय कानून के तहत उसे ‘बलात्कारी’ कहा जा सकता है अगर लड़की ऐसा करना चाहे तो। और इसी के बरक्स वे कहती हैं कि भारत में वैवाहिक बलात्कार के ज्यादा मामले सामने इसलिए नहीं आ पाते क्योंकि भारत में शादी को एक पवित्र बंधन माना जाता है और पश्चिमी देशों में इसे ज्यादातर प्रयोग के तौर पर लिया जाता है।
अपनी वेबसाइट में कैरोलिना दावा करती हैं कि 2014 में भारतीय फर्नीचर डिजायनर अनुराग गोस्वामी से दोस्ती के बाद उन्होंने उनसे शादी की और उसके बाद उन्होंने ‘असली भारत’ को देखा और वे भारत के बारे में बिना किसी पूर्वग्रह के लिखती हैं।
भारतीय समाज की वकालत
कैरोलिना बलात्कार के मामलों में भी भारतीय समाज की पुरजोर वकालत करती हैं और सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाओं को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए ‘भ्रष्ट मीडिया’ को जिम्मेदार ठहराती है। वे कहती हैं कि आपने टेक्सास, डेट्रायट या लास एंजिलिस के बलात्कार मामलों के बारे में नहीं सुना होगा। वे बलात्कार के मामलों को तूल देने की वजह दो लोगों के बीच दुश्मनी के कारण बलात्कार के झूठे मामले दर्ज करवाना भी मानती हैं। इसके लिए वे सहजीवन और दोस्ती में बने संबंधों का भी खास तौर पर जिक्र करती हैं।
