मृणाल वल्लरी

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101 Articles
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साहित्य का ‘आइटम स्वांग’

साहित्य में मूल्यवान वही माना गया जो मानवीय मूल्यों के साथ चले। लेकिन बीसवीं सदी के अंत में सोवियत रूस के विघटन के बाद...

झगड़ा

विवाद में किताब: अदालत ने लगाई ‘भारतीय सिनेमा’ पर रोक

वाणी प्रकाशन के समूह निदेशक अरुण माहेश्वरी ने कहा कि जहां भी अराजकता होती है वहां न्याय की शरण में जाना ही होता है।...

सामयिक: तनाव हल पर भारी हालात

सवाल शिक्षा से आगे उस सामाजिक रचना का है, जिसमें तर्क से ज्यादा छोटा-बड़ा, ऊंच-नीच की धारणा पर जोर है। ऐसे में एक विषम...

women

विशेष: स्त्री विमर्श के सात दशक

भारत में 20वीं सदी की अर्द्धशती की शुरुआत राजनीतिक और अन्य कारणों से अहम है। 1948 में महात्मा गांधी की हत्या होती है। इसी...

दिल्ली जिमखाना क्लब: व्यायामशाला से मधुशाला तक का सफर

अप्रैल के अंत में जब राष्ट्रीय राजधानी के विशिष्ट इलाके लुटियन जोन में स्थित डेढ़ सदी पुराने जिमखाना क्लब के प्रबंधन को लेकर केंद्र...

महिलाओं के लिए आसान नहीं घर से दफ्तर की डगर

सारी महिलाओं के पास घर में काम करने के लिए सुरक्षित और शांत माहौल नहीं होता है। ऊपर से घर पर रहें तो बुजुर्गों...

पूर्णबंदी ने खोले संवाद के नए रास्ते, कोरोना ने बताया अब क्या है सोचना

वाणी प्रकाशन समूह के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने कहा कि कोविड-19 से हुई पूर्णबंदी ने हमें कई चिंतन के विषय दिए हैं जिस...

प्रधानमंत्री ने फोन पर ली खैरियत और पूछा पूर्णबंदी में तुम क्या कर रहे हो

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता राजकिशोर ने बताया कि बीते रविवार दोपहर दो बजे प्रधानमंत्री का फोन आया। उन्होंने मेरी कुशल जानने के बाद...

Covid-19: भवन निर्माण क्षेत्र को तिहरी चोट

भारत में इस बात की काफी उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उद्योगों के लिए एक और राहत पैकेज की घोषणा करेगी। भारतीय रिजर्व...

coronavirus

अलगाव के दौर में साहित्य पर आभासी संवाद

कोरोना से अलगाव के दौर में अब लेखक और प्रकाशक आनलाइन गोष्ठी का रुख कर रहे हैं। अब तक किताब के मेलों में पाठकों...

पुस्तक समीक्षाः सत्य के साथ यथावत, सत्ता से बगावत

‘जनसत्ता’ में छपे रामबहादुर राय के लेखों का संग्रह अरुण भारद्वाज के संपादन में ‘नीति और राजनीति’ के रूप में आकर बताता है कि...

गिरमिटिया और गांधी का साझा रचने वाले गिरिराज का निधन, आज सुबह 10 बजे होगा अंतिम संस्कार

हिंदी साहित्य में गिरिजराज किशोर का लेखन अपना सार प्रस्तुत करते हुए कहता है कि साहित्य सुविधा की चीज नहीं है।

लेखक-प्रकाशक-पाठक के त्रिकोण पर बोले अरुण माहेश्वरी, लोक से जुड़ें लेखक

'युवा लेखक प्रकाशक से जुड़ता है तो प्रकाशक खुद को तरुण महसूस करता है। वहीं वरिष्ठ लेखक हमारे प्रकाशन की शोभा और सम्मान हैं।...

World Book Fair 2020: ‘कोरा कागज ज्यादा कीमती, पाठकों तक न पहुंचे तो छपी किताब रद्दी’

World Book Fair 2020: किताब और पाठकों के साथ इनके बीच की अहम कड़ी लेखक हैं जिनके साथ इनकी व्यस्तता भी चरम पर है।...

यारों के यारः तेरी महफिल में हम न होंगे

फैज, जफर और गालिब के लिए डीपीटी सबके पसंदीदा थे, यारों के यार थे। लेकिन डीपीटी जो थे वह उनके संसद में अंतिम भाषण...

भारत ने किया ऐतिहासिक जिम्मेदारी का निर्वाह

विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए सिन्हा ने कहा कि यह वही पुरस्कार वापसी गिरोह है जो महज धारणा के आधार पर नरेंद्र...

shashi tharoor

नंदकिशोर आचार्य व शशि थरूर को साहित्य अकादेमी पुरस्कार

पुरस्कारों की अनुशंसा 23 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों द्वारा की गई। साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में आयोजित अकादमी...

जनसत्ता विशेष: साहित्य की चेतनामयी साधना

साधना जैन का मानना है कि किसी भी काम के लिए वक्त निकालने से ही निकलता है। लिखने-पढ़ने के लिए वक्त निकालने और जगह...

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