Telangana Rural Local Body Elections: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तेलंगाना के करीमनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों को, अगर वे ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी उम्मीदवारों को चुनते हैं तो उनके एमपीएलएडी फंड से हर एक को 10 लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे।

तेलंगाना के ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव 11, 14 और 17 दिसंबर को तीन फेज में होंगे। बंदी संजय कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “करीमनगर गांव, सर्वसम्मति से बीजेपी समर्थित उम्मीदवार चुनें और विकास के लिए तुरंत 10 लाख रुपये पाएं। यदि आपका गांव करीमनगर संसदीय क्षेत्र में सर्वसम्मति से बीजेपी समर्थित सरपंच चुनता है, तो मैं उस गांव के विकास के लिए सीधे 10 लाख का फंड दूंगा बिना किसी देरी, बिना किसी बहाने के।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा, “आपके संसद सदस्य के रूप में, मेरे पास MPLADS फंड उपलब्ध है। आप पहले से ही जानते हैं कि हमने CSR के माध्यम से करोड़ों कैसे लाए हैं और उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए निवेश किया है। एक केंद्रीय मंत्री के रूप में, मैं पंचायत विकास को मजबूत करने के लिए और ज्यादा सेंट्रल फंड को सुरक्षित करूंगा।”

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कांग्रेस और बीआरएस ने इसी तरह के वादे किए थे- केंद्रीय मंत्री

उन्होंने दावा किया कि बीआरएस और कांग्रेस ने अतीत में इसी तरह के वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा, “पिछली बीआरएस सरकार ने सर्वसम्मति से पंचायतों को 5 लाख रुपये देने का वादा किया था। इसी पर भरोसा करते हुए, करीमनगर संसदीय क्षेत्र के लगभग 70 गांवों ने सर्वसम्मति से बीआरएस उम्मीदवारों को चुना। पांच साल बाद भी, केसीआर सरकार ने एक भी रुपया जारी नहीं किया।”

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा, “इससे पहले, कांग्रेस सरकार ने भी ऐसे ही वादे किए थे और आम चुनाव के नाम पर लोगों को धोखा दिया था। जिन लोगों ने कांग्रेस और बीआरएस पर भरोसा किया, उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दोनों पार्टियां अब वही धोखा दोहराने की तैयारी कर रही हैं। मैं करीमनगर के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे उनके बहकावे में न आएं।” उन्होंने कहा, “असली धन सिर्फ बीजेपी ही लाती है। अगर गलती से कांग्रेस या बीआरएस समर्थित उम्मीदवार जीत गए, तो नया धन नहीं आएगा और केंद्रीय धन भी दूसरी जगह चला जाएगा। उनके झांसे में मत आइए। उनके प्रलोभनों में मत आइए।” इस पोस्ट के बाद केंद्रीय मंत्री पर बीआरएस और कांग्रेस ने हमला बोला है और केंद्रीय मंत्री पर चुनाव कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।