सोमवार तड़के असम के मोरीगांव में भूकंप आया है, जिसकी तीव्रता 5.1 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह 04.17 बजे महसूस किए गए।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने आगे बताया कि ये झटके असम के कई जिलों और मेघायल के शिलांग में भी महसूस हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर मोरी जिले में रिकॉर्ड किया गया है।

कौन-कौन से हिस्से हुए प्रभावित?

जानकारी के मुताबिक, ये झटके कामरूप मेट्रोपॉलिटन, नागांव, पूर्व और पश्चिम कार्बी आंगलोंग, होजई, दिमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईगेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी दक्षिण सलमारा मनकाचर और गोलपारा में महसूस हुए।

इसके अतिरिक्त दरांग, सोनितपुर, तामुलपुर, कामरूप, उदलगुरी, बिश्वनाथ, नलबाड़ी, बारपेटा, बजाली, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर सहित कई उत्तरी जिलों में भी ये झटके महसूस हुए।

इन राज्यों में भी झटके

भूकंप का असर अरुणाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों, मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिला।

भूकंप के लिहाज से 4 जोन में बंटा है देश

जानकारी दे दें कि देश का 59 प्रतिशत हिस्सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है, यहां भी नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच में कुल 159 भूकंप आ चुके हैं। Bureau of Indian Standards (BIS) ने भूकंप के लिहाज से भारत को 4 जोन में बांट रखा है, इसे Seismic Zone भी कहा जाता है।

जोन V में हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पूर्व, कच्छ, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को रखा गया है। जोन V को अत्याधिक सक्रिय लेवल माना गया है।

जोन IV में दिल्ली, जम्मू और कश्मीर के कुछ इलाके, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश है। जोन IV को हाई रिस्क लेवल में रखा गया है।

जोन III में महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल है। यह जोन मध्यम रिस्क लेवल में रखा गया है।
जोन II में डेक्कन प्लेट्यू, मध्य भारत है। इस जोन को हल्के रिस्क लेवल में रखा गया है।

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