दिल्ली बम विस्फोट से जुड़े ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद ने खुलासा किया है कि उसने आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए महिलाओं को भर्ती करने की योजना बनाई थी। फरीदाबाद पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी। शाहीन फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में काम करती थी।

सूत्रों ने बताया कि एनआईए शाहीन को जांच के सिलसिले में जब विश्वविद्यालय परिसर में लाई थी तो पूछताछ के दौरान उसने महिलाओं की भर्ती करने की बात का खुलासा किया था।

पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय में शाहीन के हॉस्टल के कमरे से 18.5 लाख रुपये नकद, सोने के कुछ बिस्कुट और विदेशी करेंसी बरामद की थी।

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इस सप्ताह की शुरुआत में जांच एजेंसी डॉ. मुजम्मिल को विश्वविद्यालय लाई थी और जल्द ही डॉ. आदिल अहमद को भी लाया जा सकता है। मुजम्मिल और आदिल अहमद को लाल किला विस्फोट जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

चार साल तक सऊदी अरब में रही थी शाहीन

सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि शाहीन चार साल तक सऊदी अरब में भी रही थी। उसने 2014 से 2018 तक सऊदी अरब के एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में काम किया। विश्वविद्यालय परिसर में शाहीन से हुई पूछताछ के दौरान, एनआईए की टीम उसे मेडिकल वार्ड, कक्षा और उसके कमरे में ले गई जिससे और जानकारी जुटाई जा सके।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि एजेंसी ने उन लोगों की लिस्ट तैयार की है, जिनसे शाहीन ने बातचीत की थी। सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम शाहीन को एक केमिकल की दुकान पर भी ले गई, जहां से डॉ. मुजम्मिल ने विस्फोटक बनाने के लिए सामग्री खरीदी थी।

सूत्रों ने बताया कि लगभग चार घंटे की जांच और पूछताछ के बाद शाहीन को रात लगभग नौ बजे दिल्ली वापस ले जाया गया।

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