Dhar Bhojshala Case: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार भोजशाला और कमल मौला मस्जिद (Bhojshala Kamal Maula Masjid) में जारी ASI सर्वे पर रोक लगाने की मांग ठुकरा दी है। कोर्ट ने इसके साथ ही सभी पक्षों को इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस भेजा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (MP High Court) ने भोजशाला में ASI सर्वे करने के इजाजत दी है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अप्रैल को दिए अपने आदेश में यह जरूर कहा है कि सर्वेक्षण के नतीजे के आधार पर उसकी अनुमति के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इतना ही नहीं, सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि विवादित स्थल पर कोई भी भौतिक खुदाई नहीं की जानी चाहिए, जिससे इसका मूल स्वरूप बदले।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें ASI को विवादित स्थल भोजशाला और कमल मौला मस्जिद में सर्वेक्षण करने के निर्देश दिया गया था। खास बात यह है कि कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस भेज दिया है।
क्या बोले हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन?
वहीं इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला में एएसआई सर्वे रोकने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को भी नोटिस दिया है। हम अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करेंगे। इसके सात ही ASI सर्वे को लेकर उन्होंने कहा कि 4 हफ्ते के अंदर ही ASI भी सर्वे की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल करेगा।
बता दें कि इस विवादित स्थल पर पिछले महीने 22 मार्च को ASI का पुरातात्विक सर्वे शुरू हुआ था। जैसे वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में स्पेशल सर्वे किया गया था, ठीक उसी तर्ज पर भोजशाला में सर्वे हो रहा है। मुस्लिम पक्ष ने 22 मार्च को ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कोर्ट से याचिकाकर्ताओं ने तुरंत इस मामले में सुनवाई करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से सीधे तौर पर इनकार कर दिया था।
