राजधानी दिल्ली के ग्राउंड वॉटर में भारी मात्रा में मेटल कॉन्टेमिनेशन पाया गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की सालाना रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली के पानी में बड़े स्तर पर यूरेनियम, लेड, नाइट्रेट, क्लोराइड और सैलिनिटी जैसे इंडिकेटर मिले हैं। इनका स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है, खासकर उन लोगों पर जो बोरवेल और हैंडपंप के पानी पर निर्भर हैं।
इसी महीने जारी हुई रिपोर्ट बताती है कि राजधानी से लिए गए पानी के सैंपल्स में बड़े स्तर पर कॉन्टेमिनेशन पाया गया। दिल्ली के पानी में लेड भी बड़ी मात्रा में मिला है, जिससे बच्चों के कॉग्निटिव डेवलपमेंट पर असर पड़ता है, बीपी बढ़ सकता है और किडनी का फंक्शन भी कम हो सकता है।
प्री-मानसून सीजन में राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा कॉन्टैमिनेटेड ग्राउंडवॉटर मिला है। इस आधार पर दिल्ली पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। यूरेनियम के मामले में भी दिल्ली का पानी चिंताजनक स्थिति में है। यूरेनियम को किडनी डैमेज के साथ-साथ कैंसर के जोखिम से भी जोड़कर देखा जाता है।
इसके अलावा दिल्ली के ग्राउंडवॉटर में नाइट्रेट लेवल भी खतरनाक स्तर पर मिला है। माना जा रहा है कि नाइट्रेट का स्तर खेती-बाड़ी और इम्प्रॉपर वेस्ट डिस्पोज़ल की वजह से बढ़ा है।
राजधानी दिल्ली के लिए एक और चिंता यह है कि यहां सोडियम एडसॉर्प्शन रेशियो (SAR) भी ज्यादा पाया गया है। एक तरफ देश का औसत SAR 26 के आसपास रहता है, लेकिन दिल्ली में कुछ जगहों पर यह आंकड़ा 179.8 तक पहुंच गया। यहां 34.8% नमूने अनुमेय सीमा से अधिक पाए गए। RSC (Residual Sodium Carbonate) के मामले में भी दिल्ली देश में सबसे ऊपर रहा। यहां 51.1% नमूनों में RSC का स्तर 2.5 meq/l की सीमा से ऊपर निकला।
सेंट्रल ग्राउंडवॉटर बोर्ड की 2024 की रिपोर्ट यह भी बताती है कि दिल्ली के नमूनों में इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी (EC) की मात्रा भी अधिक पाई गई। यह आंकड़ा 23.3% तक पहुंच गया। इसके अलावा 16.5% नमूनों में फ्लोराइड, 20.4% में नाइट्रेट, और 10.7% नमूनों में यूरेनियम अनुमेय सीमा से ज्यादा पाया गया। वहीं साल 2025 में यह प्रदूषण और बढ़ गया। इस वर्ष EC की सीमा से अधिक मात्रा वाले नमूने बढ़कर 33.33% हो गए। नाइट्रेट के मामले में 33 नमूनों में सीमा से अधिक स्तर पाया गया, जबकि फ्लोराइड 17.78% नमूनों में निर्धारित सीमा से ऊपर मिला। यूरेनियम का स्तर भी बढ़ा, और 83 में से 13 नमूनों में यूरेनियम अनुमेय सीमा से अधिक पाया गया।
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