दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को अंकित भंडारी हत्याकांड मामले में बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को अंकिता भंडारी मामले में दुष्यंत कुमार गौतम से जुड़ी पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है।

अंकिता भंडारी मामले को लेकर उत्तराखंड की सियासत में जबरदस्त भूचाल आया हुआ है। दुष्यंत कुमार गौतम बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव होने के साथ ही उत्तराखंड में पार्टी के प्रभारी भी हैं।

उत्तराखंड में विपक्षी दलों का कहना है कि अंकिता हत्याकांड में ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा किया जाना चाहिए और इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।

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अदालत के निर्देश के बाद दुष्यंत कुमार गौतम ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

जस्टिस मिनी पुष्करणा ने गौतम द्वारा दायर मानहानि के मामले पर अंतरिम आदेश दिया और दोनों राजनीतिक दलों को हत्या के मामले में गौतम को कथित ‘‘वीआईपी’’ के तौर पर बताने वाली कोई भी सामग्री पोस्ट करने पर भी रोक लगाई।

अदालत ने उर्मिला सनावर और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी सहित अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ भी अंतरिम आदेश पारित किया। जस्टिस पुष्करणा ने कहा कि यदि मानहानि करने वाली सामग्री पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित नहीं किया गया तो गौतम को अपूरणीय क्षति होगी।

जस्टिस पुष्करणा ने स्पष्ट किया कि यदि 24 घंटे के भीतर सामग्री को नहीं हटाया गया तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नियमों के अनुसार उसे हटा देगा।

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क्या कहा दुष्यंत गौतम ने?

दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि साढ़े तीन साल के बाद भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अंकिता का नाम अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। गौतम ने कहा कि उनका 50 साल का राजनीतिक और सामाजिक जीवन है और उन्होंने हमेशा नैतिक मूल्यों को कायम रखा है।

दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि इन राजनीतिक दलों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है जिससे उनकी छवि खराब हुई है।

पोस्ट डिलीट नहीं करूंगा- सौरभ भारद्वाज 

आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘मैं यह पोस्ट डिलीट नहीं करूंगा। आप जो चाहें करें। मैं इसके लिए जेल जाने को भी तैयार हूं। हम अंकिता भंडारी के लिए न्याय चाहते हैं।’

क्या है अंकिता भंडारी मामला?

पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 2022 में हत्या कर दी गई थी। रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया और सत्र अदालत ने उन्हें इस अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हाल ही में अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया जिसमें कथित तौर पर एक ‘वीआईपी’ का जिक्र किया गया है, जिसका इस मामले से संबंध है।

सनावर पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करती हैं।

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