दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार तेजी से बढ़ रहा है। वहीं मृतकों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। स्थिति ये हो गई है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण से हो रहीं मौतों के कारण शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान की जमीन भी कम पड़ गई है। बता दें कि कोरोना संक्रमित या संदिग्ध की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में परेशानी आ रही है और स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है। यही वजह है कि गिने-चुने कब्रिस्तानों में ही कोरोना संक्रमितों के शव दफनाने की इजाजत दी गई है।
आईटीओ स्थित जदीद कब्रिस्तान अल इस्लाम में भी कोरोना संक्रमित मरीजों को दफनाया जा रहा है। बता दें कि इस कब्रिस्तान की पांच में से तीन बीघा जमीन पर कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों को दफनाया जा चुका है और अब यह जमीन भर चुकी है। कब्रिस्तान में बीते पांच दिन में 16 शव दफनाए जा चुके हैं। हर दिन मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है। बता दें कि दिल्ली के अस्पतालों के आंकड़ों की माने तो राजधानी में अब तक कोरोना से 116 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि दिल्ली सरकार अभी भी मृतकों का आंकड़ा 66 ही बता रही है।
कब्रिस्तान के सुपरवाइजर मोहम्मद शमीम ने बताया कि आईसीयू में भर्ती कई मरीजों के परिजन बुकिंग कराने के लिए कब्रिस्तान पहुंच रहे हैं। हालांकि कब्रिस्तान में ऐसी कोई बुकिंग की व्यवस्था नहीं है। मोहम्मद शमीम ने बताया कि इस कब्रिस्तान में हर दिन लोग बुकिंग कराने पहुंच रहे हैं।
शव दफनाने के लिए घर के लोग भी नहीं पहुंच रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीम ही शव को कब्रिस्तान लेकर जा रही है। बता दें कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने बीते दिनों रिंग रोड पर मिलेनियम पार्क स्थित कब्रिस्तान को भी कोरोना संक्रमित मरीजों को दफनाए जाने के लिए चिन्हित किया था।
दिल्ली में कोरोना का संक्रमण औसत दर से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है। पहले 60 दिनों में राजधानी में कोरोना के 3515 मरीज मिले थे। जबकि बीते 6 दिनों में ही कोरोना के 2 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली में रिकवरी दर में भी थोड़ी गिरावट आयी है। दिल्ली में कोरोना मरीजों की रिकवरी दर 28 फीसदी से घटकर 27 फीसदी हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.17 फीसदी है।

