संजीव शर्मा
भाजपा को राजधानी दिल्ली में मिली करारी हार का असर हरियाणा में भी दिखाई देगा। हरियाणा का 40 फीसद हिस्सा जहां राजधानी दिल्ली से सटा हुआ है वहीं 55 फीसद हरियाणा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। हरियाणा के आठ जिले एनसीआर का हिस्सा हैं। पहले हरियाणा में बहुमत से चूकने और अब दिल्ली की हार से सबक लेते हुए भाजपा अब हरियाणा में आगे बढ़ेगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा हाईकमान की ओर से हरियाणा से चार पूर्व मंत्रियों, नौ विधायकों सहित कुल 33 भाजपा नेताओं की जिम्मेदारी लगी थी।

इनमें पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, मनीष ग्रोवर, कर्णदेव कंबोज और कृष्णलाल पंवार प्रमुख थे। हालांकि पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भी दिल्ली चुनाव में सक्रिय रहे। इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 26 विधानसभा क्षेत्रों में 74 जनसभाएं की थीं जबकि दुष्यंत चौटाला ने चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं की थीं।

प्रचार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब सीएमओ समेत हरियाणा सचिवालय के तमाम अधिकारी दिल्ली स्थित हरियाणा निवास में शिफ्ट कर गए और चुनाव के कारण मनोहर मंत्रिमंडल की बैठक भी दिल्ली में की गई। हरियाणा के भाजपा नेताओं को दिल्ली के किराड़ी, तुगलकाबाद, आदर्श नगर, शालीमार बाग, नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, रोहिणी, मुंडका, नांगलोई जाट, नजफगढ़, मोदीपुर, राजौरी गार्डन, हरी नगर, तिलक नगर, जनकपुरी समेत 17 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें से ज्यादातर सीटों पर भाजपा चुनाव हार चुकी है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कृष्णा नगर, ग्रेटर कैलाश, गांधी नगर, विश्वास नगर, तिलक नगर, पालम, शालीमार बाग और सदर विधानसभा में चुनाव प्रचार किया था। इनमें केवल विश्वास नगर विधानसभा सीट पर भाजपा के ओपी शर्मा को जीत हासिल हुई है।