राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की वजह से धुंध छा गई और वायु गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ स्तर पर पहुंच गई। पंजाब व हरियाणा में पराली जलाना इस सीजन के अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे दिल्ली में वायु गुणवत्ता जहरीली होती जा रही है। इसे देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रदूषण से स्कूली बच्चों को बचाने की सरकार की पहल के तहत विद्यार्थियों को मास्क बांटे और उन्हें पराली जलाए जाने के बारे में भी बताया। लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहे हैं।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीरों में केजरीवाल मुसकुराते हुए बच्चों को मास्क दे रहे हैं और उनसे बात कर रहे हैं। केजरीवाल की ये तस्वीर कुछ यूजर्स को पसंद नहीं आई और उन्होंने दिल्ली के मुख्य मंत्री को ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा “बच्चो को मास्क बाटने मे शर्म महसूस होनी चाहिये, की हम उन्हें साफ हवा तक ना दे सके और ये तो ऐसे मुस्करा रहे है जैसे चॉकलेट बाट रहे हो।” एक अन्य यूजर ने लिखा “लो बेटा मास्क पहन लो… माफ करना हम दिल्ली का प्रदूषण कम नही कर पाए दिल्ली हम शर्मिंदा है।” एक ने कहा कि उनका नाम बदलकर ‘फ्रीजीवाल’ कर देना चाहिए।

बता दें दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। एक्यूआई 400 के पार चला गया है ऐसे में बच्चों का बिना मास्क के घूमना बेहद खतरनाक है। केजरीवाल ने शहर के स्कूली बच्चों से कहा कि पंजाब और हरियाणा में जल रही पराली के कारण यहां वायु प्रदूषण फैल रहा है और इसके लिए वे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर इसे नियंत्रित करने की अपील करें। दिल्ली सरकार ने निजी और सरकारी स्कूलों के बच्चों को बांटने के लिए 50 लाख ‘एन95’ मास्क खरीदे हैं।

सीएम ने बच्चों से कहा, ‘‘कृपया कैप्टन अंकल और खट्टर अंकल को पत्र लिखें और कहें ‘कृपया हमारी सेहत का ध्यान रखे’।’’ उन्होंने खुद भी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से बच्चों की सेहत के बारे में सोचने और पराली जलाने से रोकने के लिए कदम उठाने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से राष्ट्रीय राजधानी में कूड़ा जलाने से रोकने में मदद करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें दिल्ली में कूड़ा जलने से रोकना होगा। अगर आप किसी को ऐसा करते देखें, तो उनसे ऐसा ना करने की अपील करें। अगर वे ना मानें तो फिर उनकी शिकायत करने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर है।’’
(भाषा इनपुट के साथ)