Delhi Assembly Elections 2020 Dates Updates: दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा चुनावों के लिए वोट डाले जाएंगे। वहीं 11 फरवरी को चुनाव के नतीजों का ऐलान होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली में 2689 जगहों पर वोट डाले जाएंगे और इसके लिए 13750 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। दिल्ली में 1 करोड़ 46 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। वहीं चुनाव ड्यूटी में 90 हजार कर्मचारी लगाए जाएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि अनुपस्थित मतदाता का नया कॉन्सेप्ट लाया गया है। इसके अलावा जो लोग वोट देने नहीं आ सकेंगे, जिनमें शारीरिक रूप से अक्षम लोग, 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं, उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी जाएगी। चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही दिल्ली में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने बताया कि मतदाता पहचान पत्र में सुधार का काम 15 नवंबर 2019 को शुरू हुआ था, जो 16 दिसंबर 2019 को पूरा हो चुका है। दिल्ली में विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि इस बार दिल्ली के लोग काम पर वोट करेंगे। हमारा पूरा चुनाव प्रचार सकारात्मक होगा।


दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के साथ ही कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केजरीवाल ने अपनी आपसी लड़ाई में दिलवालों के इस शहर को विकास की दौड़ में पीछे छोड़ दिया, लेकिन इस बार जनता बदलाव के लिए वोट करेगी तथा भाजपा एवं आम आदमी पार्टी को खारिज करेगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दोनों पार्टियों ने पांच साल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में बर्बाद कर दिए। मोदी जी और केजरीवाल जी की लड़ाई में दिल वालों की दिल्ली विकास में पीछे छूट गई।’’
दिल्ली में चुनावों की बिगुल बज चुका है और भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत अन्य राजनैतिक दल चुनावों के लिए कमर कस चुके हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कहा है कि हम दिल्ली को रहने के लिए अच्छी जगह बनाएंगे, जहां लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाली हवा, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा। यदि भाजपा सत्ता में आयी तो लोगों को अच्छी सरकार मिलेगी।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली चुनावों में भाजपा के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में सांसद बलविंदर सिंह भुंडर, प्रेमपाल सिंह चंदूमाजरा और नरेश गुजराल को कमेटी में शामिल किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली में कुल 70 विधानसभाएं हैं, अभी की विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी, 2020 को खत्म हो रहा है। चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग, पुलिस के साथ बैठक की गई थी। वोटरों को पोलिंग बूथ पर आने के लिए पिक अप-ड्रॉप मिलेगा। इसकी जानकारी वेबसाइट पर डाल दी जाएगी और एक नंबर भी जारी किया जाएगा।
दिल्ली में चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। बता दें कि आदर्श आचार संहिता लागू होने का मतलब है कि सत्ताधारी पार्टियां, फिर चाहे वो केन्द्र की हों या फिर राज्य सरकार, चुनावों में फायदा पाने के लिए अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि अनुपस्थित मतदाता का नया कॉन्सेप्ट लाया गया है। इसके अलावा जो लोग वोट देने नहीं आ सकेंगे, जिनमें शारीरिक रूप से अक्षम लोग, 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं, उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली में चुनावों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
दिल्ली चुनावों के लिए नोटिफिकेशन 14 जनवरी से जारी होगा, वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 21 जनवरी होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 24 जनवरी तय की गई है।
दिल्ली विधानसभा की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए 8 फरवरी को मतदान होगा। 11 फरवरी को चुनाव नतीजों का ऐलान किया जाएगा।
चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख 21 जनवरी होगी। 14 जनवरी से नोटिफिकेशन जारी होगा।
दिल्ली विधानसभा चुनावों में करीब 90 हजार लोग लगाए जाएंगे, जो चुनाव संपन्न कराने में अपना योगदान देंगे।
दिल्ली में करीब डेढ़ करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। जो 2689 जगहों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दिल्ली में वोट डालने के लिए 13,750 के करीब पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे।
साल 2013 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा को 31 सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन 2015 के चुनावों में ये घटकर 3 रह गई थीं। 2015 के चुनावों में आप ने सूपड़ा साफ करते हुए 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
2015 के दिल्ली चुनावों में आम आदमी पार्टी का वोट प्रतिशत सबसे ज्यादा करीब 54 प्रतिशत रहा था। वहीं भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 32 प्रतिशत था। हालांकि बीते विधानसभा चुनावों के बाद हुए एमसीडी और लोकसभा चुनावों में दिल्ली में आप के वोट प्रतिशत में खासी गिरावट आयी है।
दिल्ली में सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि फरवरी के पहले सप्ताह में दिल्ली विधानसभा के चुनाव कराए जा सकते हैं।
झारखंड की सफलता से उत्साहित कांग्रेस दिल्ली में भी राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। दरअसल राजद ने दिल्ली में बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मतदाताओं की संख्या को देखते हुए चुनाव में उतरने का फैसला किया है। ऐसे में कांग्रेस और राजद मिलकर आप और भाजपा को टक्कर दे सकती हैं।
दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पिछले पांच साल के कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच समर्थन मांगने जाएगी। यही वजह है कि केजरीवाल सरकार बीते कई दिनों से अपनी सरकार के कामकाज को लोगों के सामने रख रहे हैं और इसका जमकर प्रचार भी कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनावों में बिना सीएम चेहरे के उतरेगी। अनुमान है कि भाजपा पीएम मोदी के नाम पर चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करने के बाद सीएम पद को लेकर फैसला किया जाएगा। वहीं आम आदमी पार्टी सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम पर ही चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस की तरफ से भी चुनाव पूर्व सीएम पद के लिए किसी के नाम का ऐलान होने की संभावना काफी कम हैं।
भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा सोमवार दोपहर में करेगा। आयोग ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए दोपहर साढ़े तीन बजे संवाददाता सम्मेलन बुलाया है। सत्तर सदस्यीय दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी को समाप्त होगा। नियमानुसार उससे पहले ही चुनाव संपन्न कराकर नयी विधानसभा का गठन करना होगा।