वीवीआइपी हेलिकाप्टर घोटाला मामले में दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार के संबंध धन शोधन के मामले में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या से जुड़े थे। रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को सुनवाई कर रही अदालत के समक्ष यह दावा किया। ईडी ने विशेष जज एसएस मान के समक्ष दावा किया कि जांच में तलवार के माल्या के साथ संबंधों का खुलासा हुआ है। कालेधन का पता लगाने के लिए और पूछताछ की जरूरत है। विशेष अदालत ने 12 फरवरी तक के लिए तलवार की ईडी हिरासत बढ़ा दी। तलवार के विजय माल्या से जुड़े तार के पर्दाफाश के लिए दोबारा रिमांड देने का आग्रह करते हुए जांच एजंसी ने 15 फरवरी तक हिरासत मांगी। ईडी ने अदालत से कहा कि तलवार का सामना फिलहाल विदेश में मौजूद उसके बेटे से कराया जाना है। उसके बेटे को जांच एजंसी ने 11 फरवरी को तलब किया है। अदालत ने इन दलीलों के बाद तलवार की ईडी की हिरासत अवधि 12 फरवरी तक बढ़ा दी। हालाकि ईडी ने गुरुवार को अदालत से दीपक तलवार की हिरासत सात दिन बढ़ाने का अनुरोध किया था, लेकिन अदालत ने पांच दिन रिमांड की मंजूरी देते समय इस बात का ध्यान रखा कि इससे पहले भी जांच एजंसी को तलवार की हिरासत सात दिन दी जा चुकी है।
किंगफिशर एअरलाइंस के पूर्व प्रमुख विजय माल्या हैं जो करीब नौ हजार करोड़ रुपए के धनशोधन व धोखाधड़ी के आरोपों में भारत में प्रत्यार्पित किए जाने की प्रक्रिया का सामना ब्रिटेन में कर रहे हैं। ईडी का आरोप है कि तलवार ने बातचीत में विदेशी निजी एअरलाइंस के पक्ष में बिचौलिए की भूमिका निभाई जिससे राष्ट्रीय विमानन कंपनी एअर इंडिया को नुकसान हुआ। ईडी ने अदालत से कहा था कि उसे तलवार से पूछताछ करके नागरिक विमानन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय विमानन कंपनी लिमिटेड और एअर इंडिया के उन अधिकारियों का नाम पता करना है जिन्होंने कतर एअरलाइंस, एअर अरेबिया सहित विदेश एअरलाइंस का पक्ष लेकर उसे फायदा पहुंचाया।
तलवार पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा करने और विदेशी मुद्रा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। केंद्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान कुछ उड्डयन सौदों में भी उनकी भूमिका जांच के दायरे में है। ईडी और सीबीआइ ने भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों में तलवार के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं जबकि आयकर विभाग ने उसपर कर चोरी का आरोप लगाया है। ईडी की हिरासत में मौजूद तलवार को 30 जनवरी को दुबई से लाया गया था और यहां उतरने पर एजंसी ने उसे गिरफ्तार किया था।
