साल 2017 में जम्मू-कश्मीर में ‘मानव ढाल’ बनाने को लेकर विवादों में आए मेजर लीतुल गोगोई के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सजा के रूप में मेजर गोगोई की वरिष्ठता घटाई जा सकती है। इससे मेजर की पदोन्नति प्रभावित हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि मेजर गोगोई को यह सजा श्रीनगर में स्थानीय लड़की के साथ संबंध रखने को लेकर सजा दी गई है। दो साल पहले मेजर गोगोई घाटी में 9 अप्रैल 2017 को चुनाव के दौरान पत्थरबाजी कर रहे एक व्यक्ति को जीप पर बांधने को लेकर विवादों में आए थे।
इसके साथ ही कश्मीर घाटी में ड्राइवर समीर मल्ला के खिलाफ भी कोट मार्शल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मल्ला पर अनधिकृत रूप से यूनिट से अनुपस्थित रहने का आरोप था। मल्ला को ‘कड़ी फटकार’ लगाई जा सकती है।
मल्ला साल 2017 में टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती हुआ था। उसे जम्मू और कश्मीर के आतंक के खिलाफ लड़ने वाली राष्ट्रीय राइफल में पोस्टिंग दी गई थी वह सेक्टर 53 में पोस्टेड था। अधिकारी ने कहा कि इससे पहले कोर्ट मार्शल की कार्रवाई शुरू होने के बाद मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ सूबतों के संदर्भ में सुनवाई फरवरी के शुरुआत में पूरी हुई थी।
दोनों लोगों को दो आरोप में दोषी पाया गया। इसमें निर्देशों के बावजूद स्थानीय लोगों से करीबी रखने और ऑपरेशनल एरिया में ड्यूटी से गायब रहना शामिल है। आर्मी कोर्ट में आरोपी के साथ ही गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। इसके बाद सजा सुनाई गई। इस सजा का सैन्य मुख्यालय ने विरोध किया था।
आर्मी कोर्ट ऑफ इन्कवायरी ने श्रीनगर के होटल में पिछले साल 23 मई को मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर की मौजूदगी के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।
मेजर गोगोई को 18 साल की एक युवती के साथ कथित रूप से होटल में घुसने का प्रयास करते धरा गया था। इसके बाद पुलिस ने मेजर गोगोई को हिरासत में ले लिया था।
पकड़ी गई महिला ने सैन्य अदालत के समक्ष गवाही देने से इनकार किया था। युवती का कहना था कि वह अपना बयान मजिस्ट्रेट के सामने देगी। उसके इस बयान को ही उसका अंतिम बयान माना जाए।
युवती ने कहा था कि वह मेजर गोगोई के साथ अपनी मर्जी से गई थी। युवती ने कहा था कि वह फेसबुक के जरिये मेजर गोगोई के संपर्क में आई थी। युवती ने अपना नाम उबैद अरमान बताया था। घटना के सामने आने के बाद सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि मेजर यदि दोषी पाए गए तो उन्हें सजा दी जाएगी।
