Coronavirus in India: कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में कहर मचा रखा है। पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) ने चिंता व्यक्त की है। संगठन ने बुधवार को घोषणा की कि वैश्विक कोरोना वायरस संकट अब एक महामारी है। डबल्यूएचओ ने इस बात की जानकारी ट्वीट कर दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि हमारे आंकलन के मुताबिक COVID-19 अब महामारी बन चुका है। स्वास्थ्य संगठन पूरी दुनिया में फैल रहे इस वायरस की सक्रियता से चिंतित है। यह खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है।
हालांकि किसी भी बीमारी को कब महामारी कहा जाएगा इसका कोई तय पैमाना नहीं है। लेकिन डब्ल्यूएचओ के अनुसार, उस बीमारी को ‘महामारी’ कहा जाता है जो दुनिया भर में तेजी से फैलती है। किसी भो बीमारी को ‘महामारी’ घोषित करते वक़्त डबल्यूएचओ द्वारा इस बात का ध्यान रखा जाता है कि महामारी घोषित होने के बाद लोगों के बीच कोई अनावश्यक खौफ या डर की स्थिति पैदा न हो जाए। 2009 में जब ‘स्वाइन फ्लू’ तेजी से बढ़ा था तब उसे भी महामारी घोषित किया गया था।
जब किसी छेत्र में अचानक स्थानीय स्तर पर आपस में लोगों के बीच बीमारी लगातार फैलने लगती है। या किसी एक बीमारी की वजह से बीमार लोगों की संख्या आम तौर पर उस आबादी में होने वाली बीमारी से ज्यादा हो जाये तो उसे ‘महामारी’ मान लिया जाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक डबल्यूएचओ के एक वरिष्ठ अधिकारी डॉ माइकल जे रयान ने 24 फरवरी को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि महामारी ग्रीक शब्द “पैनडिमोन्स” से आया है, जिसका अर्थ है ‘हर कोई’ होता है। उन्होंने आगे बताया कि डिमोन्स का मतलब होता है ‘जनसंख्या’ और पैन का अर्थ ‘हर कोई’ होता है। इसीलिए इसे ग्रीक में ‘पैनडिमोन्स’ बोला जाता है।
किसी भी बीमारी को महामारी घोषित करने का मतलब यह नहीं है कि डब्ल्यूएचओ को इससे लड़ने के लिए अधिक धन या अधिक शक्तियां मिलती हैं। किसी भी बीमारी को महामारी घोषित करना एक औपचारिक घोषणा है जो यह दर्शाती है कि डबल्यूएचओ ने इसे महामारी इसलिए घोषित किया है क्योंकि ये तेजी से फैल रही है और एक नए स्तर पर पहुंच चुकी है।
