कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया में आई एक खबर का हवाला देते हुए सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके प्रश्नों से डरना नहीं चाहिए तथा देश के युवाओं की तरफ से पूछे गए सवालों का जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, “वित्त मंत्री जी, मेरे सवालों से मत डरिए। मैं यह सवाल देश के युवाओं की ओर से पूछ रहा हूं जिनका जवाब देना आपकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा, “देश के युवाओं को रोजगार की जरूरत है और आपकी सरकार उन्हें रोजगार देने में बुरी तरह नाकाम साबित हुई है।”
कांग्रेस नेता ने एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित वित्त मंत्री के साक्षात्कार के उस अंश का हवाला दिया, जिसके मुताबिक उन्होंने नौकरियों से जुड़े सवाल पर कहा कि वह कोई आंकड़ा नहीं देना चाहती क्योंकि बाद में ‘राहुल गांधी पूछेंगे कि एक करोड़ नौकरियों का क्या हुआ।’
पीएम मोदी पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने रविवार को कहा “कृपया अपना जादुई अभ्यास दिनचर्या को कुछ और बार आजमाएं, क्योंकि यह अभी अर्थव्यवस्था को शुरू कर सकता है।”
उन्होंने इस बार के बजट को खोखला बताते हुए कहा कि इसमें सिर्फ बातें हैं कोई ठोस चीज नहीं है। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “हमारे युवा रोजगार चाहते हैं। लेकिन इसकी बजाय उन्हें संसदीय इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण मिला, जिसमें पीएम और एफएम दोनों दिखे।” उन्होंने पूछा कि इससे लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को पेश बजट में व्यक्तिगत आयकर में कटौती की घोषणा की थी। सरकार की ओर से कहा गया था कि किफायती आवास के लिए कर लाभ बढ़ाया गया है और 2020-21 के लिए बजट में लाभांश के भुगतान पर कंपनियों को राहत दी गई है। विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने इसे सबसे अच्छा बजट बताया है।

