राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार ‘ठंडा दिन’ रहा। पारे में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज करने से शीतलहर चलने लगी। अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।

“ठंडा दिन” उसे कहते हैं जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे हो जाता है और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम होता है।

सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, क्योंकि दिल्ली में पश्चिमी हिमालय से उठीं बर्फीली हवाएं लगातार चल रही हैं। आयानगर और रिज मौसम स्टेशनों में न्यूनतम तापमान क्रमश: 3.8 डिग्री सेल्सियस और 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय में भारी बर्फबारी हुई और अब शीतलहर के मैदानी इलाकों की ओर बढ़ने की वजह से तापमान में गिरावट आ रही है।

आईएमडी मैदानी इलाकों के लिए शीतलहर की घोषणा तब करता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे हो और लगातार दो दिन तक सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम हो। उन्होंने कहा, “दिल्ली जैसे छोटे इलाके के लिए शीत लहर की घोषण तब भी की जा सकती है जब उक्त स्थितियां एक दिन के लिए भी बन जाएं।” शहर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।