क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जोधपुर की जेल में बंद हैं। उन्होंने जोधपुर जेल में जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर कुछ प्रयोग करने के लिए थर्मामीटर मांगा है। उनकी पत्नी और HIAL की को-फाउंडर गीतांजलि जे आंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक ने उनसे जेल प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट से यह पता लगाने के लिए कहा कि क्या उन्हें थर्मामीटर जैसे उपकरण मिल सकते हैं।

सोनम को मिली चींटियों पर किताब

आंगमो ने X पर एक पोस्ट में कहा कि वह मंगलवार को सोनम वांगचुक से मिलीं और उन्हें चींटियों पर एक किताब और जलवायु परिवर्तन पर एक किताब दी। मैगसेसे पुरस्कार विजेता कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की स्थिति की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। इसमें केंद्र शासित प्रदेश में चार लोग मारे गए और 90 घायल हो गए थे।

सोनम वांगचुक अभी भी एकांत कारावास में हैं और 110 से ज़्यादा दिन जेल में बिता चुके हैं। आंगमो ने कहा, “मैं कल सोनम वांगचुक से मिली और आखिरकार उन्हें उनके बड़े भाई द्वारा दी गई चींटियों पर किताब दी, साथ ही जलवायु परिवर्तन और उसके समाधान पर किताबें भी दीं, जिनका उन्होंने अनुरोध किया था।” किताब का शीर्षक ‘एंट्स: वर्कर्स ऑफ द वर्ल्ड’ था, जिसे एलेनोर स्पाइसर राइस और एडुआर्ड फ्लोरिन निगा ने लिखा था।

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आंगमो ने कहा, “सोनम ने मुझसे जेल प्रशासन और भारत के सुप्रीम कोर्ट से यह पता लगाने के लिए कहा कि क्या उन्हें जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर के बारे में सरल प्रयोग करने के लिए थर्मामीटर जैसे उपकरण मिल सकते हैं। सोनम वांगचुक को अभी रिहा करें ताकि वह शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में अपना राष्ट्र निर्माण का काम जारी रख सकें।”

हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) की को-फाउंडर आंगमो ने पहले PTI को एक इंटरव्यू में बताया था कि सोनम वांगचुक अपनी जेल बैरक में चींटियों का अवलोकन कर रहे हैं, जहां वह एकांत कारावास में हैं। आंगमो ने बताया था, “अगर वह कुछ चींटियों और उनके व्यवहार का अवलोकन करते हैं, तो वह मुझसे इस पर किताबें लाने के लिए कहते हैं क्योंकि चींटी समुदाय में बहुत ज़्यादा एकजुटता, बहुत ज़्यादा टीम भावना होती है। तो, शायद वह इसका अध्ययन करना चाहते हैं।”

आंगमो ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देते हुए और उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हुए एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को है। पढ़ें पत्नी ने बताया जेल में कैसे कट रहे सोनम वांगचुक के दिन