सुप्रीम कोर्ट ने एक चीनी नागरिक को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि उस पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। चीनी नागरिक पर आरोप है कि वह वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहा था और अंतरराष्ट्रीय अपराध रैकेट चला रहा है। इस चीनी नागरिक पर यह भी आरोप है कि वह कई अन्य गैर कानूनी गतिविधियों में भी शामिल है।
रयान उर्फ रेन चाओ ने इस मामले में शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट के द्वारा 31 जुलाई को दिए गए उस आदेश की चुनौती दी थी जिसमें हाई कोर्ट ने उसे जमानत नहीं दी थी।
मामले की सुनवाई कर रही बेंच में शामिल सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा, ‘अपराध की गंभीरता को देखें, हम इस जमानत याचिका पर इसलिए विचार नहीं करेंगे क्योंकि ट्रायल चल रहा है।’ याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में पेश हुए वकील पीएन पुरी ने कहा कि उनका मुवक्किल पिछले 18 महीने से जेल में है।
याचिकाकर्ता के वकील की दलील सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि यह जमानत का मामला नहीं है। अदालत ने कहा कि अभियुक्त छह महीने बाद फिर से जमानत याचिका दाखिल कर सकता है।
क्या कहा था इलाहाबाद हाई कोर्ट ने?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चीनी नागरिक को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि विदेशी नागरिक जो भारत में रहकर व्यापार कर रहे हैं, उन्हें भारत के कानूनों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और ऐसे लोग जो आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे हैं, उन्हें अदालतों का सामना करना चाहिए।
कोर्ट ने कहा था, ‘अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क द्वारा किए गए आर्थिक अपराधों के समाज पर गंभीर प्रभाव होते हैं। इस तरह के आर्थिक अपराध एक समानांतर अर्थव्यवस्था बनाते हैं और राष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता को खतरे में डालते हैं। नोएडा पुलिस ने रेन चाओ को 9 जुलाई, 2022 को धोखाधड़ी जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने जैसे अपराधों के तहत गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए थे।
एफआईआर के मुताबिक, रेन चाओ पर E-FRRO की रिपोर्ट्स के साथ छेड़छाड़ का आरोप है। E-FRRO एक ऑनलाइन सिस्टम है, जिसके जरिये विदेशी नागरिक सरकारी दफ्तर जाए बिना वीजा और इमिग्रेशन सेवाओं के लिए आवेदन करने कर सकते हैं।
रेन चाओ पर यह भी आरोप हैं कि उसने धोखाधड़ी करके वीजा की अवधि को बढ़ा लिया। पुलिस का कहना था कि इस मामले में जब एक 5 सितारा होटल में छापेमारी की गई तो पुलिस को बीएमडब्ल्यू कार, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, लैपटॉप मोबाइल फोन और पासपोर्ट जैसी कई चीजें मिली।
