महज 24 घंटे में 5 लाख लोगों के डिमोनेटाइजेशन के सर्वे में भाग लेने और 90 फीसदी लोगों द्वारा उसका समर्थन करने पर बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने उस सर्वे को फेक करार दिया है। मायावती ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री में दम है तो वे लोकसभा भंग कर चुनाव कराएं असली सर्वे तभी सामने आएगा। मायावती ने प्रधानमंत्री को सदन में आने और बहस करने की चुनौती भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री पर बचकर भागने का आरोप भी लगाया। साथ ही उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को देश के उन 90 फीसदी लोगों से माफी मांगने को कहा जो उनके इस फैसले से लाइन में खडे होने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की वजह से लोग झेल रहे हैं और अपना काम धंधा छोडकर अपने ही पैसों के लिए लाइन मे लगे हैं।
दूसरी ओर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, हमें बेवकूफों के स्वर्ग में नहीं रहना चाहिए और इस तरह के रिपोर्टां और सर्वे से दूर रहना चाहिए जो किसी स्वार्थवश कराए जाते हैं। इस तरह के सर्वे पर ज्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए। यह भ्रामक और सच से दूेर होते हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इस फैसले से मायावती, केजरीवाल जैसे लोगों को ही पेरशानी है आम जनता को नहीं। नरेद्र मोदी ऐप पर यह सर्वे कराया गया था, जिसमें 5 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और इस सर्वे का परिणाम एक दिन बाद ही बताया गया। इसमें बताया गया कि 93 फीसदी लोग इस फैसले के साथ हैं। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर सर्वे में हिस्सा लेने और समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया था।
कैबिनेट मीटिंग में केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस सर्वे की रिपोर्ट रखी उन्होंने कहा कि यह सर्वे लोगों का मूड बताता है। उन्होंने कहा कि किसी सर्वे में लोगों ने इतनी बडी संख्या में हिस्सा नहीं लिया चाहे वह राजनीतिक सर्वे हो या गैर राजनीतिक। यह अपने आप में बडी बात हैै।
वीडियो देखिए: नोटबंदी: जनधन खातों में जमा पैसे का वित्तीय खुफिया एजेंसी ने बैंकों से मांगा विस्तृत ब्योरा
