ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे रविवार रात अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंची हैं। उन्होंने सोमवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने मोदी के साथ संयुक्त रूप से भारत-ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सम्मेलन का उद्घाटन भी किया। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा के प्रमुख क्षेत्रों में भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत करना है। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने के बाद थेरेसा ने जुलाई में प्रधानमंत्री का कामकाज संभाला था और उसके बाद यूरोप के बाहर यह उनका पहला द्विपक्षीय दौरा है।
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रिटिश पीएम ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच खास है रिश्ता है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन तकनीक के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ सकते हैं। ब्रिटिश सरकार आर्थिक और सामाजिक सुधार पर काम कर रही हैं और भारतीय निवेश हमारी अर्थव्यवस्था में विविधता ला रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने टेरीजा मे के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि ब्रिटिश पीएम ने यूरोप के बाहर भारत का विदेशी दौरे के लिए चुनाव किया।
There is so much potential when it comes to India-Britain relationship, we have a special bond: UK PM Theresa May pic.twitter.com/5dVoTZw2uG
— ANI (@ANI) November 7, 2016
लंदन से रवाना होने से पहले थेरेसा ने भारत को ब्रिटेन का ‘सर्वाधिक महत्वपूर्ण और करीबी’ मित्र करार दिया और दुनिया की अग्रणी महाशक्ति कहा। उन्होंने कहा, ‘‘हम ब्रिटेन की सर्वश्रेष्ठ चीजों को प्रोत्साहित करेंगे, यह संदेश देंगे कि हम कारोबार के लिए तैयार हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस यात्रा का इस्तेमाल हमारे बीच पहले से बनी हुई रणनीतिक साझेदारी के महत्व को तस्दीक करने में करुंगी जो हमारे दोनों के लिए बड़े फायदे वाली है। इस यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा में हमारे सहयोग को और आगे ले जाने के हमारे साझा दृष्टिकोण पर काम करने के लिए ठोस कदमों पर सहमति के लिए भी काम करना है।’’
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थेरेसा मे के साथ ब्रिटेन के वरिष्ठ मंत्री और उद्योगपतियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। वह मंगलवार को बेंगलुरु जाएंगी जहां वह कुछ औद्योगिक आयोजनों में शिरकत करेंगी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से भी मुलाकात करेंगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री (60) के साथ कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल है जिनमें अंतरराष्ट्रीय व्यापार से संबंधित विदेश मंत्री लियाम फॉक्स और व्यापार मंत्री ग्रेग हैंड्स भी हैं। थेरेसा मे की छह से आठ नवंबर की यह भारत यात्रा जून में हुए ऐतिहासिक ब्रेक्जिट जनमतसंग्रह की पृष्ठभूमि में हो रही है।
गौरतलब है कि नई ब्रिटिश सरकार 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर के देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। लंदन से जारी एक आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, ‘‘वह ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन के लिए अपने महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण को रखेंगी, यूरोप महाद्वीप के बाहर ब्रिटेन के लिए नयी वैश्विक भूमिका पर काम करेंगी। वह भारत के महत्वपूर्ण बाजार में नये और उभरते उद्यमों को और साथ ही स्थापित औद्योगिक संस्थानों को लाकर सभी के लिए काम करने वाली अर्थव्यवस्था के अपने संकल्प को भी रखेंगी।’’ बयान के अनुसार उनकी यात्रा के दौरान कई व्यावसायिक समझौते होने की संभावना है।
An honour for us that you chose to visit India as your first bilateral visit outside Europe: PM Modi at India UK TECH Summit pic.twitter.com/fRQ4v4Vm8u
— ANI (@ANI) November 7, 2016

