भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठन में एक बड़ा बदलाव हुआ है। BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) राम लाल को इस पद से हटाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में वापस ले लिया गया है। आरएसएस में राम लाल को अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख की नई जिम्मेदारी दी गई है। संपर्क प्रमुख अनिरूद्ध देशपांडे हैं। आरएसएस सूत्रों ने इस आशय की जानकारी दी है। राम लाल भाजपा में संगठन मंत्री का दायित्व संभाल रहे थे। उन्होंने खुद इस जिम्मेदारी से हटाने का आग्रह किया था। चर्चा है कि वी सतीश को भाजपा में संगठन मंत्री बनाया जा सकता है। वी सतीश अभी भाजपा में राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव हैं। भाजपा में एक प्रमुख रणनीतिकार के रूप में राम लाल संघ एवं पार्टी के बीच की कड़ी थे। उन्हें भाजपा की हर बड़ी बैठक में देखा जाता था।
2005 में सेक्स सीडी कांड में फंसने के बाद तब के संगठन महामंत्री संजय जोशी को पद मुक्त करके 2006 में आरएसएस के उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक (संघ की योजना में कई राज्यों के प्रभारी) राम लाल को भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया था। संघ के इतिहास में पहली बार क्षेत्र स्तर के कार्यकर्ता को भाजपा में भेजा गया था।
छियासठ साल के राम लाल ने 30 सितंबर, 2017 को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर उन्हें संगठन महामंत्री पद से मुक्त करके किसी कम उम्र के ऊर्जावान कार्यकर्ता को यह जिम्मेदारी देने का अनुरोध किया था। यही पत्र उन्होंने फिर सात जुलाई को लिखा। इसमें भी उन्होंने अनुरोध किया कि तब लोकसभा चुनाव की तैयारी के चलते यह संभव नहीं हुआ तो अब उन्हें जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए।
तब उन्होंने पत्र की प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी थी। इस बार उन्होंने पत्र अमित शाह को ही लिखा और इसकी प्रति प्रधानमंत्री और कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को भेजी। माना जा रहा है कि कार्यकारी अध्यक्ष नड्डा को अध्यक्ष बनने पर अपनी टीम बनाने की आजादी के तहत ही बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा आरएसएस में गोपाल आर्य को पर्यावरण गतिविधियों का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया है।
