सीमा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के मुद्दे पर श्वेत पत्र लाने की मांग उठने लगी है। गौरतलब है कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने ही यह मांग की है। स्वामी ने ट्वीट कर लिखा है कि “चीन के साथ जारी तनातनी पर श्वेत पत्र जारी करने में क्या परेशानी है? परेशानी हमारी वर्तमान स्थिति के बारे में है जो कि एक नई यथास्थिति (status quo) बनने जा रही है। केवल युद्ध ही अब इस यथास्थिति में बदलाव कर सकता है। क्या भारत युद्ध के लिए तैयार है?”
बता दें कि श्वेत पत्र सरकार द्वारा लाया जाता है और यह किसी खास मुद्दे पर विस्तार से जानकारी देने के उद्देश्य से जारी किया जाता है। चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध को लेकर विपक्ष द्वारा कई सवाल उठाए जा रहे हैं। यही वजह है कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने इस मुद्दे पर श्वेत पत्र लाने की मांग की है। बता दें कि बीते पांच माह से लद्दाख में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं।
चीनी सेना ने लद्दाख में अपनी मर्जी से यथास्थिति में बदलाव की कोशिश की, जिससे दोनों देशों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का दौर जारी है। हालांकि चीन की सेना अभी भी अप्रैल से पहले की स्थिति में जाने को तैयार नहीं है।
चूंकि बातचीत और तनातनी का यह माहौल बीते पांच माह से चल रहा है। यही वजह है कि भाजपा सांसद ने आशंका जतायी है कि सीमा पर दोनों सेनाओं की जो अब तैनाती है, हो सकता है कि वो ही नई यथास्थिति में तब्दील हो जाए।
बता दें कि सुब्रमण्यन स्वामी इससे पहले भी कई बार चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की सलाह दे चुके हैं। बीते दिनों भी अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा है कि “सरकार को चीन के साथ बात करनी चाहिए और यथास्थिति बहाल करनी चाहिए। लेकिन अब बात करने के लिए क्या है? चीन को इलाका छोड़ने के लिए पत्र लिखें अगर चीनी ऐसा नहीं करते हैं तो वहां सेना भेजकर इलाका खाली करा लें। कोई बातचीत नहीं।”
