तीन साल दो महीने और 18 दिन तक जम्मू-कश्मीर में साझा सरकार चलाने के बाद बीजेपी और पीडीपी के रास्ते अलग हो गए। बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ लिया है। इसके साथ ही राज्य से बीजेपी का शासन खत्म हो गया। इससे पहले इसी साल मार्च में आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार से तब बीजेपी की छुट्टी हो गई थी जब राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग केंद्र सरकार ने अनसुनी कर दी और टीडीपी ने बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए और केंद्र सरकार से नाता तोड़ लिया। बदले में आंध्र प्रदेश सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया था। पिछले महीने बीजेपी को तिहरा झटका लगा जब बी एस येदियुरप्पा की नई सरकार को बहुमत साबित करने से पहले ही इस्तीफा देना पड़ा।
कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देख रही बीजेपी को उप चुनावों में भी झटका लगा। हालांकि, अभी भी 19 राज्यों में बीजेपी की सरकार है। इनमें से 15 राज्यों में बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं जबकि चार में सहयोगी दलें के सीएम हैं। बीजेपी सरकार में शामिल है। बिहार में पिछले साल जुलाई से जेडीयू और बीजेपी की गठबंधन सरकार है लेकिन जेडीयू और बीजेपी के बीच रिश्तों में दिनों-दिन खटास बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हाल के दिनों में कई मौकों पर संकेत दे चुके हैं कि वो बीजेपी से फिर अपने रास्ते अलग कर सकते हैं।
उधर, इस साल के अंत तक चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम शामिल है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है। इन दोनों राज्यों में बीजेपी कांग्रेस से सीधे मुकाबला है। हालिया उप चुनावों में राजस्थान में बीजेपी को हार का स्वाद चखना पड़ा है। वसुंधरा सरकार और संगठन के बीच भी रिश्ते अच्छे नहीं है। वहीं मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के प्रति एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर हावी हो सकता है। वहां किसानों का आंदोलन भी चरम पर है। कई सर्वे में भी इस बात के संकेत मिले हैं कि इन दोनों राज्यों में बीजेपी की राह मुश्किल है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में बीजेपी मजबूत स्थिति में है।

