भाजपा नेता सैयद जफर इस्लाम उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए हैं। उन्होंने वही सीट हासिल की है, जिस पर अमर सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद थे। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। गौरतलब है कि 11 सितंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले शुक्रवार (4 सितंबर) को नामांकन वापस लेने के लिए आखिरी दिन रखा गया था। हालांकि, जफर इस्लाम के सामने पहले ही कोई नेता नहीं खड़ा था, जिसके बाद वे निर्विरोध ही सांसद बन गए।

इससे पहले मंगलवार को भाजपा के ही गोविंद नारायण शुक्ल और निर्दलीय महेश चंद्र शर्मा ने नामांकन दायर कराया था। जहां शुक्ला ने पार्टी के कहने पर बुधवार को नामांकन वापस ले लिया था, वहीं शर्मा का नामांकन इसी दिन रद्द कर दिया गया था, क्योंकि उनके पास विधानसभा में 10 सदस्यों का समर्थन नहीं था, जो कि राज्यसभा चुनाव लड़ने की अहम शर्त है। इसके चलते ही रिटर्निंग ऑफिसर बृजभूषण दुबे ने जफर इस्लाम को विजयी घोषित किया।

जफर इस्लाम जो कि भाजपा के प्रवक्ता हैं, इस सीट से अमर सिंह के बचे हुए कार्यकाल- 4 जुलाई 2022 तक सेवा देंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जीत पर जफर इस्लाम को बधाई दी और उन्हें भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता करार दिया।

कौन हैं जफर इस्लाम?
सैय्यद जफर इस्लाम भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा उप चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। मध्य प्रदेश में ज्यतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में शामिल कराने में उनकी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बड़ी सफाई के साथ एमपी में ‘ऑपरेशन लोट्स’ को कामयाब करवाया। इसी ईनाम के तौर पर उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया। राजनीति में आने से पहले इस्लाम एक विदेशी बैंक के लिए काम करते थे। करीब सात साल पहले वो नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए। बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। बताया जाता कि उनके पीएम मोदी से भी अच्छे संबंध हैं।