कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर)-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। कर्नाटक के सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 14 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस-जेडीएस बीजेपी को लगातार राज्य के मौजूदा हालातों के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दोनों ही दलों का कहना है कि बीजेपी सत्ता पर काबिज होने के लिए योजनाबद्ध तरीके से ऐसा कर रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सदानंद गौड़ा ने पार्टी पर लग रहे सभी आरोपों का खंडन किया है।
मंगलवार (9 जुलाई 2019) को उन्होंने कहा ‘हमने शुरुआत एक बार कोशिश की थी जिसके बाद हम चुप हो गए थे। लेकिन अब कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को अपनी ही सरकार और अपने ही नेताओं पर नहीं यकीन नहीं रहा। उन्हें इस बात का एहसास हुआ और उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दिया। कांग्रेस और जेडीएस के किसी भी विधायक के इस्तीफे के पीछे हम नहीं हैं।’
उन्होंने आगे कहा ‘कांग्रेस-जेडीएस के पास अब सिर्फ 105 का आंकड़ा है जबकि हमारे पास 107 का। आज ही कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। निश्चित तौर पर हम एकबार फिर कर्नाटक में सरकार बनाने की कोशिश करेंगे।’
वहीं जेडीएस ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। जेडीएस ने कहा कि बीजेपी विधायकों को खरीदने के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। जेडीएस ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट शेयर कर ये गंभी आरोप लगाए। जेडीएस ने कहा ‘कर्नाटक में विधायकों को खरीदने के लिए बीजेपी 1000 करोड़ रुपये खर्च रही है। लगभग मिजोरम, मणिपुर और सिक्किम के सालाना बजट का 10 प्रतिशत हिस्सा। मोदी और अमित शाह के ये पैसा कहां और कैसे मिल रहा है? भ्रष्टाचार से मुक्ति सिर्फ किताबों तक ही सीमित रह गई है लेकिन सच्चाई यही है!

