मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच अंडों को लेकर सियासी जंग छिड़ गई है। आंगनबाड़ियों में अंडे बांटने की कमलनाथ सरकार की योजना का बीजेपी विरोध कर रही है। बीते दिन बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इसे लेकर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा था अब बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने सरकार को आड़े हाथ लिया है। भार्गव ने इसे देश की संस्कृति के खिलाफ बताया है।

भार्गव ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा “कुपोषित सरकार से इस से ज्यादा का उम्मीद की जा सकती है। वो बच्चों को अंडा खिलाएं, जो नहीं खाते उन्हें जबरन खिलाएं। अगर अंडे से कुपोषण दूर नहीं होगा तो मुर्गे खिलाएगी बकरे खिलाएगी और जो कुछ बनेगा वो खिलाएगी। आदमी तो वैसे ही मारे जा रहे हैं भारत के जो संस्कार हैं, हमारी जो सनातन संस्कृति है उसमें मांसाहार निषेध है। हम जबरन किसी को नहीं खिला सकते और यदि बचपन से ही हम ये सिखाएंगे तो बड़े होकर वे गोश तो खाएंगे ही कहीं नरभक्षी न हो जायें।

भार्गव ने आगे कमलनाथ सरकार को कोसते हुए कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि अभी से अगर बच्चों में तामसिक प्रवृत्ति शुरू कर देते हैं तो ये बच्चे बड़े होकर क्या बनेंगे। आगे भार्गव ने कहा कि मैं तो ब्राह्मण हूं इसलिए मैंने कभी लहसुन-प्याज भी नहीं खाया। लेकिन में इतना कहना चाहता हूं ये प्रवत्ति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा “किसी को जबरन खान-पान के मामले में वध्य नहीं कर सकते।”

बता दें बीते दिन कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले को धार्मिक मान्यताओं से खिलवाड़ करने वाला कदम बताते हुए इसका विरोध किया था। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा ‘मध्य प्रदेश सरकार का आंगनबाड़ियों में अंडे के फैसले का हम विरोध करते हैं। मुझे लगता है कि आंगनबाड़ी में अंडा बंटवाकर लोगों की धार्मिक मान्यताओं से खिलवाड़ हो रहा है। ऐसे में किसी को भी धार्मिक मान्यताओं से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं चाहे वह सरकार ही क्यों न हो।’