बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ट्विटर पर एक पोल सर्वे के लिए जमकर ट्रोल किए जा रहे हैं। वह पोल सर्वे में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की खिंचाई करना चाहते थे लेकिन हुआ इसका विपरीत। दरअसल उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जो पोल करवाया उसके परिणाम उनके पक्ष में नहीं गए।
दरअसल शुक्रवार सुबह सरदेसाई ने एक ट्वीट किया था। सरदेसाई ने अपने ट्वीट में लिखा कि संधोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थन और सीएए के विरोध में रैलियां हो रही हैं। मैंने इसमें दिखाए जाने वाले झंडों के अंतर पर गौर किया। सीएए के विरोध वाली रैली में तिरंगे और महात्मा गांधी की तस्वीरें देखीं। सीएए के समर्थन वाली रैलियों में तिरंगा के साथ भगवा रंग वाला झंडा देखा। इस बारे में सोचें।’
उन्होंने इस ट्वीट के जरिए झंडों में अंतर की तरफ सभी का ध्यान खींचने की कोशिश की। जिसके बाद ही अमित मालवीय ने ये पोल करवाया। पोल में सवाल किया गया कि ‘क्या राजदीप सरदेसाई को आईएसआईएस की पीआर (जनसंपर्क) को संभालना चाहिए।’ इस सवाल के जवाब में चार विकल्प दिए गए।
जिसमें पहला विकल्प Agree, दूसरा विकल्प Strongly Agree और तीसरा विकल्प Disagree, चौथा और आखिरी विकल्प He is irrelevent था। इन विकल्पों में सबसे ज्यादा वोट Disagree के पक्ष में गए। 33.4 फीसदी लोगों उनकी बात से असहमत (Disagree) नजर आए। वहीं 28.1 फीसदी लोगों ने Agree विकल्प को चुना। इसके अलावा 26.1 फीसदी लोगों ने Strongly Agree विकल्प को तो 12.3 फीसदी लोगों ने He is irrelevent विकल्प को चुना।
इस पोल पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। किसी ने पोल में सही विकल्पों को न देने तो तो किसी ने पोल पर किए गए सवाल पर ही सवाल खड़े किए। एक यूजर ने कहा ‘पोल डिलीट कीजिए और एग्री ,डिस्एग्री का हीं ऑप्शन रखिए। तब सही रिजल्ट सामने आएगा। दो ऑप्शन हमारे फेवर में जाने के बाद भी वोट बंट रहा है। अतः श्रीमान झारखण्ड की गलती को न दुहराएं।’
एक यूजर ने कहा ‘कम से कम मालवीय जी के नाम की लाज रख ने के लिए यह घोर अशोभनीय सर्वेक्षण बंद कीजिए। आलोचना ज़रूर करिए लेकिन तर्क और विवेक पर आधारित।’ एक यूजर कहते हैं ‘क्या अमित भाई। छोटा मुंह बड़ी बात कर रहे हो। राजदीप सरदेसाई को टारगेट करने से कुछ नहीं होने वाला। दिल्ली पर ध्यान दो।’
