दिल्ली में आज से ऑड-इवन सिस्टम लागू हो गया है। हालांकि भाजपा द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा है और और पहले ही दिन भाजपा नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने इसका उल्लंघन कर अपना विरोध भी दर्ज कराया। वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने ऑड-इवन को यूपी में भी लागू करने के निर्देश दे दिए हैं।
दरअसल जब योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान से यूपी में ऑड-इवन लागू करने के संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “इस पर निर्देश दे दिए गए हैं ट्रैफिक पुलिस को और डीजीपी को कि पूरी तरीके से ऑड इवन को लागू कराइए। अब इसपे पुलिस विभाग के लोग बता सकते हैं कि इसको कब से लागू कर रहे हैं।” हालांकि कुछ ही देर बाद मंत्री दारा सिंह चौहान अपने बयान से पलट गए और कहा कि उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन ऑड-इवन लागू करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और सरकार ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी लागू कर दी है। स्कूल कुछ दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए ही दिल्ली सरकार ने तीसरी बार दिल्ली में ऑड-इवन योजना लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत एक दिन सम नंबर वाले वाहनों को एक दिन और दूसरे दिन विषम नंबर वाले वाहनों को ही सड़क पर दौड़ने की अनुमति दी जाती है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है। दिल्ली की आप सरकार ने साल 2016 में पहली बार ऑड-इवन योजना की शुरुआत की थी, जिसके बाद अब तीसरी बार यह योजना लागू की जा रही है।
UP Minister Dara Singh Chauhan on being asked about implementation of #OddEven scheme in UP: Is par nirdesh de diye gaye hain traffic police ko aur DGP ko ki puri tarike se odd even ko laagu kariye. Ab ispe police department ke log bata sakte hain isko kab se laagu kar rahe hain. pic.twitter.com/S7JriabIRn
— ANI UP (@ANINewsUP) November 4, 2019
पहले कहा उत्तर प्रदेश में भी ऑड-इवन लागू करेंगे, लेकिन कुछ ही देर में पलट गए कहा ह ऐसी कोई योजना नहीं है..
ऑड इवन लागू हो ना हो, लखनऊ में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है और घर से बाहर निकलना मुहाल है pic.twitter.com/ycMTcGTw5f
— kumar abhishek. (@abhishek6164) November 4, 2019
वहीं आज सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली के प्रदूषण को लेकर केन्द्र और दिल्ली सरकार और राज्य सरकारों को भी फटकार लगायी और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए जल्द कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ने के मामले पर टिप्पणी करते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा कि “यदि लोग पराली जलाना बंद नहीं कर सकते और प्रदूषण के बारे में नहीं सोच रहे हैं, तो फिर वह अपने अन्य अधिकारों पर भी दावा नहीं कर सकते।”
