क्या आपने भी पानी की बोतल पर बिसलेरी की जगह बिलसारी,बिल्सरी,बिसलारी पढ़कर मूंह बनाया है? अक्सर सफर के दौरान हमारे साथ ऐसा हो जाता है, कुछ लोग सवाल उठाते भी नज़र आ जाते हैं। ऐसा ही कुछ  बागपत के जिला मजिस्ट्रेट के साथ हो गया। वह स्थानीय पुलिस चौकी के दौरे पर थे। तभी उनके सामने पानी की एक बोतल रखी गई। बोतल पर लिखा था ‘बिल्सरी’, यह पढ़कर उन्हें काफी आश्चर्य हुआ और अच्छे से चेक करने पर उन्हें मालूम चला कि बोतल पर फूड लाइसेंस नंबर भी मौजूद नहीं था।

बुलडोज़र एक्शन : नकली टैग लगाकर बेचा जा रहा था पानी

जब जिला मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह को परोसी गई और उन्हें पता कि यह नकली टैग लगी तो उन्होंने कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को मामले की गहन जांच करने के आदेश दिए। सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त मानवेंद्र सिंह ने जांच शुरू की और पाया कि नकली बोतल गौरीपुर की एक स्थानीय दुकान से आई है। 

आगे की जांच में अधिकारियों को दुकान के मालिक भीम सिंह का पता चला, जो अपने घर से एक अवैध गोदाम चलाता था और पूरे जिले में नकली पानी की बोतलें बांटता था।

गोदाम पर छापे के दौरान अधिकारियों ने 2,663 बोतलें जब्त कीं, जिनमें से सभी पर मूल बिसलेरी पैकेजिंग की नकल करते हुए लेबल लगाए गए थे, तथा उन पर हरे रंग के नाम जानबूझकर उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए लिखे गए थे। प्रयोगशाला परीक्षण के लिए नमूने एकत्र किए गए और नकली बोतलों को बुलडोजर के ज़रिए खत्म कर दिए गए। बिना वैध लाइसेंस के संचालन करने के कारण गोदाम को भी बंद कर दिया गया और मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

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हरियाणा से हो रही सप्लाई

पुलिस को पता चला कि नकली बोतलबंद पानी की बोतल हरियाणा से सप्लाई की जा रही थी। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट ने ऐसे नकली उत्पादों के वितरण के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टीम के गठन का आदेश दिया। जिला मजिस्ट्रेट ने लोगों से सहयोग की अपील की और स्थानीय लोगों से नकली खाद्य उत्पादों की किसी भी घटना की सूचना देने के लिए कहा।