कांग्रेस का हाल बेहाल है। एक के बाद एक करके सूबे लगातार उसके हाथ से निकलते जा रहे हैं तो पार्टी नेता लोगों को अपनी तरफ खींच पाने में नाकाम हो रहे हैं। आलम यह है कि बिहार में पार्टी के सदस्यता अभियान में लोग नहीं आए तो बैंड वालों को कांग्रेस का मेंबर बना दिया गया। इतना ही नहीं, उनके नाम के पीछे दास भी लगा दिया गया, क्योंकि सदस्यता अभियान कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास की देखरेख में हो रहा था। लोकल नेता पार्टी प्रभारी को खुश करना चाहते थे।
कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास पार्टी को मजबूत बनाने और संगठन को विस्तार के लिए लगातार बिहार दौरे पर हैं। पिछले दिनों वह सदस्यता अभियान में तेजी लाने के लिए मुंगेर पहुचे थे। वहां से यह चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। बताया जाता है कि वहां सदस्य बनने के लिए कोई नहीं पहुंचा था। कांग्रेस नेताओं ने फजीहत से बचने के लिए स्वागत के लिए बुलाए गए बैंड वालों को ही सदस्यता दिलाकर खाना पूर्ति कर दी।
बिहार में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के लिए लोग नहीं जुटे तो बैंड वालों को ही बना दिया कांग्रेस का मेंबर ! pic.twitter.com/tgWTIBE1q5
— Nitish chandra (@NitishIndiatv) March 16, 2021
मुंगेर के इस कार्यक्रम में बैंड वालों के साथ कांग्रेस के कई दिग्गज नेता खड़े दिखे। भक्त चरण दास के साथ प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा की मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं की यह कारगुजारी चर्चा का विषय बनी हुई है। कांग्रेस के नाराज नेताओ की माने तो भक्त चरण दास को खुश करने के लिए सभी बैंड वालों के नाम के पीछे दास लगा दिया गया। इतना ही नहीं, मीडिया में कांग्रेस ने अपने सदस्यता अभियान के सफल होने का दावा भी कर दिया।
बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि बिहार में कांग्रेस का बैंड बज गया है। कांग्रेस बैंड बाजेवालों के सहारे ही खड़ी होने की कोशिश कर रही है। पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन की हार का ठीकरा भी कांग्रेस पर ही फोड़ा गया था। अब अगली लड़ाई के लिए कांग्रेस के नेता तैयारी में जुटे हैं। कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
गौरतलब है कि बिहार में कांग्रेस लालू यादव की आरजेडी के साथ गठबंधन में है। पार्टी बीते चुनाव की कड़वी यादों से निकलने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है, लेकिन लोकल नेता उसकी फजीहत कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि लोकल नेताओं को अच्छी तरह से पता था कि लोग मेंबरशिप के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। फिर भी उन्होंने भक्त चरण दास को अंधेरे में रखा।

