आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। पार्टी की ओर से संस्थापक सदस्य संजय सिंह के अलावा पूर्व कांग्रेसी और व्यवसायी सुशील गुप्ता और चार्टर्ड अकाउंटेन्ट एनडी गुप्ता को राज्य सभा चुनाव में उम्मीदवार घोषित किया गया है। बुधवार ( 03 जनवरी) को आप की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में इन लोगों को राज्यसभा भेजे जाने पर मुहर लगी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसका एलान किया। इसके साथ ही पार्टी ने संस्थापक सदस्यों और राजस्थान के प्रभारी कुमार विश्वास और पत्रकारिता छोड़कर आप का दामन थामने वाले आशुतोष का बड़ा झटका दिया है।
लिहाजा, माना जा रहा है कि राज्य सभा चुनाव में टिकट से वंचित किए गए कुमार विश्वास भी पार्टी को बड़ा झटका दे सकते हैं। ऐसे कयास हैं कि वो या तो अपने समर्थकों संग आम आदमी पार्टी छोड़ सकते हैं या फिर राजस्थान में अच्छा प्रदर्शन की आस लगाए बैठी पार्टी को चुनावों में निराश कर सकते हैं। इस साल के अंत में होने वाले राजस्थान विधान सभा चुनाव में पार्टी ने कुमार विश्वास के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है मगर साल के शुरुआत में होने वाला दिल्ली का राज्यसभा चुनाव पार्टी के लिए एक बड़ा संकट बनकर उभरा है। दरअसल, कुमार विश्वास दिल्ली से खाली हुई राज्य सभा की तीन सीटों में से एक सीट अपने लिए चाहते थे मगर पार्टी आलाकमान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। तीन सीटों पर 16 जनवरी को चुनाव होंगे। नामांकन की आखिरी तारीख पांच जनवरी है। 6 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं।
बता दें कि अपने नेता की राज्यसभा उम्मीदवारी खतरे में देख विश्वास के समर्थकों ने गुरुवार (28 दिसंबर) को पार्टी मुख्यालय के सामने न केवस तंबू गाड़ दिया बल्कि उनके समर्थन में जमकर विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद कुमार विश्वास ने अपने समर्थकों को वहां से हटने के लिए कहा और ट्वीट किया, “मैंने आप सब से सदा कहा है, पहले देश, फिर दल, फिर व्यक्ति @AamAadmiParty मुख्यालय पर जमा कार्यकर्ताओं से निवेदन है कि स्वराज,Back2Basic,पारदर्शिता के मुद्दों के लिए संघर्ष करें,मेरे हित-अहित के लिए नहीं. स्मरण रखिए अभिमन्यु के वध में भी उसकी विजय है।” ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि राजस्थान में विश्वास पार्टी को झटका दे सकते हैं।
इससे पहले माना जा रहा था कि पार्टी राज्य सभा में तीन ऐसे चेहरों को भेजेगी जो अलग-अलग क्षेत्र की मशहूर हस्तियां रही हों मगर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, पूर्व चीफ जस्टिस टी के ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरूण शौरी, इंफोसिस के अध्यक्ष एन नारायणमूर्ति, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उद्योगपति सुनील मुंजाल जैसी हस्तियों ने आप के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

