रोहतक की पिछले महीने हुई रैली में कांग्रेस पर रास्ता भटकने और बदल जाने जैसे आरोप लगाकर अपने बागी तेवर दिखाने वाले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके समर्थक के फिलहाल पार्टी छोड़ने की संभावना नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपनी हालिया मुलाकात के बाद हुड्डा के तेवरों में नरमी है और अब उनके समर्थकों ने भी उन्हें सलाह दी है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोई भी निर्णय लेने से पहले उन्हें पार्टी हाईकमान के फैसले का इंतजार करना चाहिए। पार्टी नेताओं की समिति ने मंगलवार को उन्हें इस मामले में कोई भी निर्णय लेने को अधिकृत कर दिया।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के दिल्ली स्थित निवास पर मंगलवार को उस विशेष समिति के सदस्यों व अन्य समर्थक नेताओं की बैठक हुई जिसका गठन उन्होंने रोहतक रैली के बाद किया था। तीन दर्जन सदस्यों वाली इस समिति से कहा गया था कि वह बताए कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हुड्डा खेमे को अगला कदम क्या उठाना चाहिए। गठन के बाद हुई पहली बैठक में इस समिति के सदस्यों ने सूबे में पार्टी संगठन की लचर हालत पर अपनी चिंता जताई लेकिन कांग्रेस में बने रहने या कोई और रास्ता चुनने के लिए हुड्डा को अधिकृत कर दिया। समिति के सदस्य एक-एक करके पूर्व मुख्यमंत्री से मिले और उन्हें अपनी राय से अवगत कराया।
बैठक के बाद समिति के सदस्य व हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने सभी नेताओं से अलग-अलग मुलाकत की। उन्होंने कहा कि अब हमारे पास इतना वक्त नहीं बचा कि हम कोई नई पार्टी बनाएं। उन्होंने कहा कि हमें कांग्रेस में ही रहकर, इसको ही मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तंवर को हटाना हमारा मकसद कभी नहीं था। लेकिन यह भी सच है कि हरियाणा में न कोई जिला अध्यक्ष है, न प्रदेश की समिति है। आखिर ऐसे कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान चाहे जो निर्णय ले लेकिन उसको अब जल्दी से जल्दी निर्णय करना होगा।

