Bank Strike Today Updates: देशभर के बैंकों में आज हड़ताल है। यह हड़ताल बैंकों के विलय के विरोध में बुलायी गई है। बता दें कि बैंक कर्मचारियों की दो यूनियन इस हड़ताल में शामिल होंगी। मध्य प्रदेश में करीब 20 हजार कर्मचारी इस हड़ताल का हिस्सा होंगे। इसके अलावा राज्य की 7416 बैंक शाखाओं में से 4800 में काम प्रभावित रहेगा।
जो बैंक खुले रहेंगे उनमे स्टाफ की कमी के चलते निकासी और जमा राशि के काउंटर बंद हैं। चैक क्लियर कराने में भी ग्राहकों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि शहरी इलाकों में पब्लिक सेक्टर बैंक खुले और उनमें रोजमर्रा की तरह कामकाज जारी है। इसकी वजह इन शाखाओं के अधिकारियों का हड़ताल का हिस्सा नहीं होना है। देश के सबसे बड़े ऋणदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने पहले ही अपने ग्राहकों को अवगत करा दिया है कि हड़ताल के चलाते उनके काम पर कम से कम प्रभाव पड़ेगा।
एआईबीईए के महासचिव सी. एच. वेंकटचालम ने कहा कि देश को बैंकों के विलय की बिलकुल जरूरत नहीं है क्योंकि हमें और बैंकिंग सेवाओं की जरूरत है, लोगों को सेवाएं देने के लिए और शाखाएं खोलनी हैं। उन्होंने कहा कि विलय के परिणामस्वरूप कई शाखाएं बंद हो जाएंगी, इसलिए यह एक गलत नीति है। भारी मात्रा में फंसे कर्ज की वसूली बैंकों की प्राथमिकता होनी चाहिए और विलय उनकी इस प्राथमिकता को बदल देगा। इसलिए यह एक बुरा विचार है।
उल्लेखनीय है कि ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉय एसोसिएशन (AIBEA) और बैंक एंप्लॉय फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) ने यह हड़ताल बुलायी है। इन एसोसिएशन ने हाल ही में घोषित बैंक विलय, गिरती जमा दरों और नौकरियों की आउटसोर्सिंग के विरोध में हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।


स्टेट बैंक के कामकाज पर आज की हड़ताल से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। दरअसल जिन दो यूनियन्स ने हड़ताल बुलायी है ऑल इंडिया बैंक एम्पलोयीज एसोसिएशन (AIBEA) और बैंक एम्पलोयीज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) में एसबीआई के कुछ ही कर्मचारी सदस्य हैं।
देश के शहरी इलाकों में हड़ताल का असर कम दिखाई दे रहा है। दरअसल सिर्फ दो यूनियन ने ही हड़ताल का ऐलान किया है, इसलिए जो कर्मचारी इन यूनियन से संबंधित नहीं है, वह हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ ऑफिसर्स तथा इनसे जुड़ी बैंक यूनियंस ने बताया है कि वह बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हैं। समूचे बैंक उद्योग की 9 यूनियनों में से केवल दो यूनियनों ने ही इस हड़ताल का आह्वान किया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के विरोध में आज 30 हजार से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन और बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने संयुक्त रूप से किया है।