बांग्लादेश में भड़की हिंसा से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत सरकार ने नागरिकों के नाम एक नोटिस जारी कर कहा है कि जो कोई भी बांग्लादेश की यात्रा का प्लान कर रहा है, उसे अभी के लिए टाल दे। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने, ज़्यादा यात्रा ना करने और ढाका में भारतीय दूतावास  के आपातकालीन फोन नंबरों के साथ संपर्क में रहने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने आपातकालीन फोन नंबर जारी किए हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में +8801958383679 +8801958383680 +8801937400591 पर कॉल किया जा सकता है।

बांग्लादेश हिंसा: भारत की एडवाइजरी

भारत की सलाह के बारे में जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट की है। भारत की ओर से यह एडवाइजरी हिंसक झड़पों और विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आई है। जिसके कारण 14 पुलिसकर्मियों सहित 91 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों अन्य घायल हो गए हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

हसीना सरकार ने मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया है और अनिश्चित काल के लिए देशव्यापी कर्फ्यू लागू कर दिया है। स्थानीय मीडिया आउटलेट ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक प्रशासन हालात को काबू में करने में नाकाम नजर आ रहा है।

इस बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बांग्लादेश में तोड़फोड़ करने वाले छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं। उन्होंने कहा, “मैं देशवासियों से इन आतंकवादियों को सख्ती से दबाने की अपील करती हूँ।” यह पूरा मामला नौकरी में आरक्षण से को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन बांग्लादेश हाईकोर्ट द्वारा 5 जून को दिए गए आरक्षण की बहाली के फैसले के बाद शुरू हुआ था।

क्यों शुरू हुए आंदोलन?

बांग्लादेश की अदालत ने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके वंशजों के लिए सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण को बहाल कर दिया था। शुरुआत में छोटे-मोटे प्रदर्शन हुए और 7 जुलाई को बंगलादेश बंद का ऐलान किया गया। लोग सड़कों पर आ गए और बहाली का विरोध करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने इस बार सभी ग्रेडों से भेदभावपूर्ण कोटा हटाने, संविधान में निर्धारित पिछड़ी आबादी के लिए कुल आरक्षण को 5 प्रतिशत तक सीमित करने और इस बदलाव को तय करने के लिए संसद में एक विधेयक पारित करने की मांग की है। वह प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।