बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना भारत दौरे पर थीं। दोनों देशों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए जो जल संसाधन, युवा मामलों, संस्कृति, शिक्षा और तटीय निगरानी से संबंधित है। द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम डेल्ही कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक, पीएम मोदी ने बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के लिए एक लंच कार्यक्रम की मेजबानी की। नवरात्रि का मौका होने की वजह से बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल के लिए शाकाहारी व्यंजन परोसे गए।
मेहमानों के सामने स्वादिष्ट बंगाली पकवान परोसे गए। इसके अलावा, मेन्यू में मीठे के तौर पर संदेश और गुड़ की बनी मीठी दही को भी शामिल किया गया। लंच के दौरान लाइव म्यूजिक का भी इंतजाम था। मेहमानों ने रघुपति राघव, होठों से छू लो तुम और तोमार होलो शुरू जैसे बंगाली गानों का भी लुत्फ उठाया। बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच व्यापक वार्ता हुई थी।
बातचीत के दौरान हसीना ने असम में एनआरसी लाए जाने पर अपनी चिंता रखी थी। असम में असली भारतीयों की और अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करने के लिए एनआरसी प्रक्रिया चलायी गई थी। सरकार के सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने हसीना से कहा कि एनआरसी का प्रकाशन अदालत की निगरानी में चली प्रक्रिया है और इस मुद्दे पर अंतिम परिदृश्य अभी सामने आना बाकी है।
अधिकारियों के अनुसार रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दा भी बातचीत के दौरान उठा और दोनों प्रधानमंत्री विस्थापित व्यक्तियों की म्यामार के रखाइन प्रांत में सुरक्षित, तीव्र और सतत वापसी की जरूरत पर सहमत थे। संयुक्त बयान के अनुसार मोदी ने आतंकवाद को बिल्कुल नहीं बर्दाश्त करने की बांग्लादेश सरकार की नीति की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थायित्व सुनिश्चित करने के हसीना के दृढ़ प्रयास को लेकर उनकी तारीफ की।
बातचीत के बाद मोदी और हसीना ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बांग्लादेश से भारत को रसोई गैस के आयात की परियोजना का शुभारंभ किया तथा ढाका के रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन और खुलना में कौशल विकास संस्थान का उद्घाटन किया। संयुक्त बयान के मुताबिक, हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोग तीस्ता जल बंटवारा समझौते शीघ्र होने की बाट जोह रहे हैं जिस पर 2011 में दोनों देशों की सरकारों के बीच सहमति हुई थी।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)
