अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है। अयोध्या परिसर में होने वाले ध्वजारोहण महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वज फहराने के लिए आने वाले हैं। इस विशेष ध्वज को अहमदाबाद के शिल्पकार भरत मेवाड़ ने महीनों की मेहनत और बारीकी के साथ तैयार किया है।
कई महीनों से चल रही थी तैयारी
पिछले कई महीनों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस आयोजन की तैयारी में जुटा था। अब वह क्षण आ रहा है, जब अयोध्या एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाने जा रही है। कई जानकार इसे दूसरी प्राण-प्रतिष्ठा के समान महत्वपूर्ण आयोजन के तौर पर भी देख रहे हैं।
पीएम मोदी का क्या है कार्यक्रम?
प्रधानमंत्री मोदी आज महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर द्वारा साकेत महाविद्यालय जाएंगे। इसके बाद उनका भव्य रोड शो शुरू होगा, जो राम मंदिर तक जारी रहेगा। पूरे मार्ग पर स्कूली बच्चे, स्थानीय लोग और स्वयं सहायता समूह की अनेक महिलाएं उनका स्वागत करेंगी। सुरक्षा के भी व्यापक और पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। पूरे ज़ोन को आठ भागों में बांटा गया है और हर हिस्से की जिम्मेदारी अलग-अलग महिला स्वयंसेवी समूहों को दी गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी हनुमानगढ़ी भी जाएंगे या नहीं।
केसरिया ध्वज की खासियत क्या?
इस विशेष ध्वज को राम मंदिर के शिखर पर लहराया जाएगा और इसकी अहमियत बेहद अधिक मानी जा रही है। ध्वज की लंबाई 22 फीट, चौड़ाई 11 फीट और दंड 42 फीट का है। इसे 161 फीट ऊंचे शिखर पर स्थापित करने की तैयारी चल रही है। ध्वज पर तीन विशेष चिन्ह अंकित हैं—सूर्य, ॐ, और कोविदार। इस ध्वज को सूर्य भगवान का प्रतीक भी माना जाता है।
