मशहूर यूपीएससी कोचिंग टीचर अवध ओझा ने राजनीति से संन्यास का ऐलान किया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने पटपड़गंज से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। जनवरी 2025 में AAP ज्वाइन करने वाले अवध ओझा करीब 10 महीने तक राजनीति में रहे।
अवध ओझा ने क्या कहा?
सोशल मीडिया X पर हिंदी में एक पोस्ट में अवध ओझा ने कहा, “आदरणीय अरविंद जी, मनीष जी, संजय जी, सभी AAP पदाधिकारी, कार्यकर्ता, नेता, आप सभी का दिल से धन्यवाद। आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा। राजनीति से रिटायरमेंट मेरा पर्सनल फैसला है। अरविंद जी, आप बहुत महान नेता हैं। जय हिंद।”
AAP ने अवध ओझा को पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जगह पटपड़गंज से मैदान में उतारा था। मनीष सिसोदिया ने 2013, 2015 और 2020 में पटपड़गंज सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि अवध ओझा बीजेपी के रविंदर सिंह नेगी से हार गए। मनीष सिसोदिया ने जंगपुरा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह भी बीजेपी के तरविंदर सिंह मारवाह से हार गए थे।
सोमनाथ भारती ने साधा निशाना
अवध ओझा के संन्यास के फैसले पर AAP नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि पार्टी ने ओझा को टिकट इस बात को ध्यान में रखते हुए दिया था कि वह चुनाव नतीजों के बावजूद AAP के साथ काम करेंगे।
अवध ओझा सोशल मीडिया पर काफी मशहूर हैं। 2025 में जब उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी, तो उन्होंने कहा था कि वह शिक्षा के क्षेत्र में कुछ काम करना चाहते हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में अवध ओझा ने कहा था कि राजनीति में आने के बाद उनके बोलने पर भी प्रतिबंध लगने लगा और अगर वह बोलेंगे नहीं तो मर जाएंगे।
दरअसल अवध ओझा अपने एक इंटरव्यू का हवाला दे रहे थे। यह इंटरव्यू जनवरी 2025 का है। अवध ओझा इंटरव्यू के दौरान बात कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आम आदमी पार्टी का एक शख्स कहता है कि आगे सवाल नहीं पूछना है और पार्टी लाइन से हट कर बात नहीं करनी है। अवध ओझा भी इसी दौरान कह देते हैं कि पार्टी लाइन से हटकर कोई सवाल का जवाब नहीं दिया जाएगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर अवध ओझा की काफी खिंचाई हुई थी और लोगों ने खूब ट्रोल किया था।
