26/11 मुंबई हमले में आरोपी अबु जुंदाल समेत कुल 12 लोगों को औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मंगलवार को उनकी सजा का ऐलान हुआ। मुंबई की विशेष मकोका कोर्ट ने अपने फैसले में जुंदाल समेत 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। बाकी अन्य दोषियों में शामिल दो को कोर् 14 साल की और तीन को 8 साल की सजा सुनाई है। बता दें कि इस मामले में गिरफ्तार कुल 22 अभियुक्त में से अबु जुंदाल समेत अन्य 11 अभियुक्तों को दोषी पाया गया था जबकि आठ को निर्दोष बरी कर दिया गया, दो अभियुक्त फरार हैं और एक सरकारी गवाह बन गया था।
मोदी और तोगड़िया को मारने की थी साजिश
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि हमले के लिए हथियार पाकिस्तान से लाए गए थे। साथ ही यह भी माना कि आरोपी इन हथियारों के जरिए गोधरा दंगों का बदला लेना चाहते थे। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इन हथियारों के जरिए आरोपी शांति भंग करने की साजिश रच रहे थे। इन लोगों ने नरेंद्र मोदी और प्रवीण तोगड़िया को भी मारने की साजिश रची थी।

क्या है मामला?
8 मई 2006 को मुंबई एंटी टेररिज्म स्कॉवड (ATS) ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद के करीब चंदवाड़-मनमाड़ हाईवे पर दो कारों को रोका था। तलाशी के दौरान उसमें 30 किलो आरडीएक्स, 10 एके-47 रायफलें और 3,200 कारतूस बरामद हुए। मौके से एटीएस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कहा जा रहा था गाड़ी चला रहा अबु जुंदाल फरार हो गया था। जुंदाल पुलिस को चकमा देकर बांग्लादेश के रास्ते भाग निकला था और बाद में पाकिस्तान पहुंच गया था।

कौन है अबु जुंदाल?
पुलिस के दावे के मुताबिक अबु जुंदाल इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा रहा है। यही नहीं जुंदाल पर मुंबई में हुए आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप है। साल 2012 में साऊदी अरब से प्रत्यर्पण करके जुंदाल को भारत लाया गया था, तब से वह पुलिस हिरासत में है। फिलहाल उसे आर्थर रोड जेल में रखा गया है। बता दें कि साल 2011 में भारत की ओर से जारी पाकिस्तान में छिपे मोस्टवॉंटेड अपराधियों की लिस्ट में भी जुंदाल का नाम शामिल था।