बीजेपी के नए हाईटेक मुख्यालय के प्रेस हॉल से पार्टी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने वाले दो दिग्गज नेताओं की तस्वीरें गायब हैं। जी हां! भाजपा मुख्यालय के प्रेस हॉल में लगे बड़े से बैनर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के फोटो गायब हैं। उनका स्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ले ली है। होर्डिंग के बाएं तरफ पीएम मोदी और अमित शाह की तस्वीर है तो दाईं ओर पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरें हैं। इसके बीच में बड़े-बड़े अक्षरों में ‘भारतीय जनता पार्टी’ लिखा हुआ है। उसके ऊपर भाजपा का चिह्न कमल का फूल है। दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को वैचारिक आधार देने वालों में अग्रणी हैं। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी को बीजेपी को दो से 182 सीट तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा को पहली बार सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाया था। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को केंद्र में पहली बार स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ। इसके साथ ही देश के कई राज्यों में पार्टी का परचम लहराया।
Interesting backdrop to the new presser hall in the BJP HQ- after S P Mukherjee and Deendayal Upadhyaya it’s the PM and party president. Wither Vajpayee, Advani? pic.twitter.com/A0j5sYUvi7
— Nistula Hebbar (@nistula) March 5, 2018
Mei suna hu…Advaniji ko abhi tak ya ek baar bhi nahi bulaya gaya…. Even in opening
— PB (@bothrapawan53) March 5, 2018
they are irrelevant now also this PM keeps saying the govts have been corrupt for past 70 yrs in that csae it also includes the over 6.5 yrs of #NDA rule under #atalbiharivajpayee, sigh sign of changing times
— joydeep ghosh (@joydeepghosh) March 5, 2018
They were there till recently. Only due to space constraints, they are not included now. Ever question Cong why they do not have Sardar Patel, LB Shastri and PVNR on their party material?
— Chandu (@cpings4IN) March 5, 2018
जहाँपर सोनिया माई की तस्वीर लगनी थी वो मेघालय भी गया।गांधीजी की तस्वीर लगा कर मूर्ख बनाने वाले आज मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारे और चर्च के चक्कर लगा रहे है।धर्म की राजनीति या राजनीति का धर्म।
— *नीरज सदिया* (@NeerajSadiya) March 5, 2018
बीजेपी मुख्यालय की तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ गई है। हितेश पांडया ने लिखा, ‘कांग्रेस क्या कभी सरदार पटेल, सीताराम केसरी, नरसिम्हा राव या मनमोहन सिंह का फोटो लगाती है?’ यतिन अग्रवाल ने ट्वीट किया, ‘इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वे बस संस्थापक और मौजूदा नेताओं को दिखाना चाह रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि अन्य महत्वपूर्ण नेताओं को हटा दिया गया।’ भारत परभाणे ने लिखा, ‘मोदी और शाह के लिए वर्ष 2019 के बाद यदि स्थितियां अनुकूल रहीं तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय का नाम भी हट जाएगा।’ मंदर सावंत ने ट्वीट किया, ‘भाजपा में यह बात अच्छी है कि 10 साल बाद मोदी और शाह भी पोस्टर में नहीं दिखेंगे। लेकिन, राहुल गांधी और उनका परिवार भविष्य में भी दिखते रहेंगे।’ राहुल पाटिल ने लिखा, ‘आरएसएस यूज-एंड-थ्रो की परंपरा को जारी रखे हुए है। ज्यादा वक्त नहीं बीतेगा जब मोदी और शाह गायब हो जाएंगे और उनका स्थान दूसरा कट्टरपंथी ले लेगा।’
