अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक न्योता दिया है। इससे पहले ओवैसी ने भाजपा की केंद्र मे सहयोगी शिवसेना से कहा था कि वह बीजेपी से अलग हो जाए। इस पर शिवसेना भड़क गई थी।

एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने अमित शाह और राहुल गांधी को हैदराबाद से अगला चुनाव लड़ने का न्योता दिया है। ओवैसी ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए कहा, राहुल गांधी, चारमीनार में आपका स्वागत है, जो मेरे शहर के मुसी तहजीब का प्रतीक है। मैं आपको यहां से लड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। और लोगों को दिखाइए कि हमारी समग्र संस्कृति का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व कौन करता है। ओवैसी ने अपने इस ट्वीट के साथ राहुल के जनेऊ वाली छवि पर भी चुटकी लेते हुए लिखा कि चाहे तो आप जनेऊ के साथ आएं या बिना जनेऊ के। हैदराबाद में आपका स्वागत है।

अपने मुखर बयानों के चलते विवादों में घिरे रहने वाले ओवैसी ने बीजेपी की सहयोगी और खुलकर मतभेद रखने वाली शिवसेना को सलाह दी थी। ओवैसी ने कहा था कि, मोदी सरकार से शिवसेना डरती है। इसलिए अपनी भड़ास अपने मुखपत्र सामना में निकालती है। अगर शिवसेना मोदी सरकार और फणनवीस सरकार से समर्थन वापस खींच ले तो मैं साबित कर दूंगा कि मेरे पूर्वज भारतीय ही हैं।

हैदराबाद से सांसद ओवैसी की इस सलाह पर भड़की शिवसेना ने कहा कि, वह अपनी हद में रहें। शिवसेना के संजय राउत कहा कि असदुद्दीन ओवैसी को हैदराबाद तक ही सीमित रहना चाहिए। राम मंदिर अयोध्या में बनेगा न कि हैदराबाद, पाकिस्तान या ईरान में। उनकी तरह का व्यक्ति मुस्लिम समुदाय के लोगों को राजनीति कर गलत दिशा में ले जाते हैं। भविष्य में वह इसके चलते बहुत नुकसान उठा सकते हैं।

दसअसल, ओवैसी की शिवसेना के लिए यह सलाह राउत के एक बयान के बाद ही आया था। जिसनें संजय राउत ने कहा था कि, अगर सरकार अभी बिल लाकर मंदिर नहीं बना पाई तो कभी नहीं बना पाएगी। हमारे पास पूर्ण बहुमत है। सुप्रीम कोर्ट इसमें कुछ नहीं कर सकता है। यह लोगों की आस्था का विषय है।