आर्मी डे के अवसर पर नई दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में भारतीय सेना के जवानों ने अपना शौर्य और पराक्रम दिखाया। इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान हटाए जाने के फैसले को ‘ऐतिहासिक कदम’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि इसका, ‘पश्चिमी पड़ोसी’ द्वारा छेड़े गये छद्म युद्ध पर असर पड़ा है। उन्होंने करियप्पा परेड मैदान में 72वें सेना दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र बल आतंकवाद को ‘कतई बर्दाश्त’ नहीं करते। नरवणे ने कहा, ‘‘ आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को जवाब देने के लिए हमारे पास कई विकल्प हैं और हम उनका इस्तेमाल करने में हिचकिचाएंगे भी नहीं।’’

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने नई दिल्ली में सेना दिवस 2020 पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। (Photo: PTI)

सेना दिवस की परेड में सेना ने सैन्य शक्ति और अपने कुछ आधुनिक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत मौजूद थे।

पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने बुधवार को कहा कि उत्तरी सीमाओं पर मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए नवगठित 17 कोर में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) की अवधारणा को आकार दिया जा रहा है। चौहान ने कहा कि सेना ने आईबीजी की अवधारणा को गति देने के लिए कुछ अभ्यास किये गये हैं कि उसका संगठन और ढांचा क्या होना चाहिए। देश की पहली माउंटेन स्ट्राइक कोर, 17 कोर ने ये अभ्यास किये।

सेना के अधिकारियों ने कोलकाता के फोर्ट विलियम के पूर्वी कमान मुख्यालय में ‘सेना दिवस’ के अवसर पर विजय स्मारक पर माल्यार्पण किया। (Photo: PTI)

17 कोर ने पिछले साल अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश में करीब 15 हजार फुट की ऊंचाई पर ‘हिम विजय’ नामक बड़ा अभ्यास किया था। पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमाडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल चौहान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उत्तरी सीमाओं पर मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए हम खुद को इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के रूप में तैयार कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी संरचनाओं के गठन पर काम कर रहे हैं जिन्हें व्यापक तौर पर तैनात किया जा सके, जिसमें रोजगार के अधिक अवसर हों और कार्य करने की अधिक क्षमता हो।’’ चौहान ने कहा कि भारतीय सेना के ढांचे ब्रिटिश सेना की विरासत ज्यादा हैं और उन्हें संभवत: दूर कहीं लंबी लड़ाइयों को लड़ने के लिए बनाया गया था।

उन्होंने यहां फोर्ट विलियम में पूर्वी कमान मुख्यालय में सेना दिवस पर आयोजित माल्यार्पण समारोह के बाद कहा कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने और भारत की भूरणनीतिक जरूरतों का ध्यान रखने के लिए पहला पुनर्गठन 1980 के दशक में किया गया जब इन्फेंट्री डिवीजन को एक त्वरित संभाग के तौर पर पुनर्गठित किया गया। उसके बाद कुछ समय तक यथास्थिति रही और फिर सेना ने एक बार फिर अपनी संरचनाओं का पुनर्गठन शुरू किया।

सेना के जवानों ने नई दिल्ली में करियप्पा ग्राउंड में सेना दिवस परेड के दौरान अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। (Photo: PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेना दिवस के अवसर पर सैन्यकर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेना भारत का गौरव है। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय सेना भारत माता का गौरव है। सेना दिवस के अवसर पर, मैं देश के सभी जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम को सलाम करता हूं।’’

नई दिल्ली में सेना दिवस परेड के दौरान भारतीय सेना के जवान अपना शौर्य प्रदर्शित करते हुए। (Photo: PTI)

सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है। 1949 में इसी दिन ब्रिटेन के भारत के अंतिम कमांडर इन चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से प्रभार लेकर लेफ्टिनेंट जनरल के एम करियप्पा भारतीय सेना के कमांडर इन चीफ बने थे। यह 72वां सेना दिवस है और पहली बार इसमें प्रमुख रक्षा अध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं।