यहां से करीब 25 किलोमीटर दूर दोराहा कस्बे में शुक्रवार रात ऊपरगामी पुल (फ्लाइ ओवर) के नीचे एक टैंकर से अमोनिया गैस के रिसाव से पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे में 140 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घायलों को जिले के खन्ना, लुधियाना और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गैस का प्रभाव इतना ज्यादा रहा कि घटनास्थल के चार किलोमीटर के क्षेत्र में काफी तादाद में पशु-पक्षियों की मौत हो गई। पेड़-पौधे भी गैस के असर से झुलस गए। हादसे के बाद गुरुद्वारों और रेलवे स्टेशन से बचाव की घोषणाएं की जाती रहीं।
मृतकों की पहचान सतपाल कुमार (62), राहुल (35), और रणजोध सिंह (सभी दोराहा), अवतेजिंदर (25) जलंधर के तौर पर हुई। शनिवार शाम तक पांचवें मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। शव एसपीएस अस्पताल में रखा हुआ है।
घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में लोगों में आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, गले में सूजन और आवाज रुकने जैसे लक्षणों से दहशत फैल गई। गैस रिसाव होते ही चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने अज्ञात चालक पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बचाव टीम के प्रयास से टैंकर को शनिवार सुबह छह बजे के आसपास फ्लाइओवर से दीपनगर गांव के पास खाली जगह पर ले जाया गया। तब तक रिसाव पर काबू पाया जा चुका था।
गुजरात की अग्रवाल कंपनी के टैंकर जीजे12-एटी 5251 में करीब 2200 टन अमोनिया गैस थी। यह गुजरात से नंगल जा रहा था। दोराहा के ऊपरगामी पुल के नीचे चालक ने यू टर्न से इसे मोड़ने का प्रयास किया। लेकिन टैंकर के ज्यादा लंबा होने की वजह से वह फंस गया। चालक ने जबरदस्ती टैंकर को किसी तरह मोड़ने का प्रयास किया तो उसकी नोजल टूट गई जिससे गैस का रिसाव होने लगा। यह देखकर वह भाग निकला। इसके बाद गैस के असर से आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।
रात का समय होने की वजह से गैस प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के लिए किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था। हर कोई घर से बाहर निकल आया था। गैस रिसाव की जानकारी के बाद प्रशासन और पुलिस को स्थिति से निपटने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ी। खन्ना, समराला, लुधियाना, दोराहा और अन्य स्थानों से दमकल गाड़ियां घटनास्थल से दूर पहुंच चुकी थी। गैस का प्रभाव कम करने के लिए पानी की बौछार भी की गई।
खन्ना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरप्रीत गिल ने बताया, शुरुआती जांच में पर्याप्त जगह न होने के बावजूद लंबे टैंकर को जबरदस्ती मोड़ने के प्रयास से नोजल टूटी जिससे गैस रिसाव हुआ। बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की टीम के अलावा गैस विशेषज्ञ भी मौके पर पहुंच गए। पायल के विधायक चरणजीत सिंह अटवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप बाजवा ने अस्पताल में घायलों की स्थिति जानी। प्रशासन ने मृतकों के करीबी रिश्तेदारों को दो लाख रुपए की मदद और घायलों का उपचार मुफ्त कराने की घोषणा की है।
स्थानीय व्यक्ति विनोदकुमार और बलविंदर ने बताया कि शनिवार सुबह घटनास्थल के आसपास सड़कों पर काफी तादाद में पशु-पक्षी मरे पड़े थे। बिना पुलिस-प्रशासन की मदद के लोगों ने अपने वाहनों से गैस प्रभावितों को करीबी अस्पतालों में पहुंचाया। लुधियाना और खन्ना के सिविल अस्पताल, आइवीवाइ, एसपीएस, सीएमसीएच और डीएमसीएच के एंबुलेस वाहन भी गैस प्रभावितों को ले जाने में लगे रहे।
दमकल अधिकारी हुए बेहोश
दमकल विभाग की टीम के साथ पहुंचे डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल भी गैस की वजह से बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गैस का असर होने से एसडीएम हरजौत कौर को भी अस्पताल ले जाने की नौबत आई।
