राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा संघ की लेक्चर सीरीज ‘भारत का भविष्य’ में हिन्दुत्व और मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति जताई है। टीओआई के एक वीडियो में ओवैसी ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर और संघ के दूसरे सरसंघचालक एमएस गोलवलकर की हिदुओं और हिन्दुत्व को लेकर लिखी बातों का जिक्र करते हुए कहा कि क्या मोहन भागवत उन्हें खारिज कर सकते हैं? वीडियो में ओवैसी कहते दिखाई देते हैं, ”सावरकर ने कहा कि मुसलमान.. मुसलमानों के हिन्दुस्तान न होलीलैंड है, न फादरलैंड है। क्या ऑब्जेक्ट करते हैं मैं चैलेंज कर रहा हूं मिस्टर सावरकर को बताइये.. आप सावरकर की उस थ्योरी ऑफ हिंदुत्व को आप रिजेक्ट करते हैं? क्या मोहन भागवत.. गोलवलकर ने अपनी किताब में.. बंच ऑफ थॉट्स में लिखा कि मुसलमान-क्रिश्चियन इस मुल्क के इंटरनल थ्रेट हैं.. क्या आप रिजेक्ट कर सकते हैं उसको? क्या मोहन भागवत इस बात को रिजेक्ट करेंगे कि ऑर्गनाइजर की.. 1947 ऑर्गनाइजर में लिखा गया कि ये जो नेशनल फ्लैग में तीन है.. ये तीन ईवल होता है.. इसको रिजेक्ट करेंगे?”

ओवैसी आगे कहते हुए दिखाई देते हैं, ”ये समझना पड़ेगा इस देश को कि हिंदुइज्म में, हिंदुत्व में जमीन-आसमान का फर्क है.. और हिंदुत्व जो है वो एक्सक्लूसिव है, हिंदुइज्म नहीं है।” वह कहते दिखाई देते हैं, ”देखिए हिंदुत्व कहा से आया, सावरकर से आया… मैं चैलेंज कर रहा हूं आरएसएस को, रिजेक्ट करिये आप सावरकर की थ्योरी को.. रिजेक्ट करिये जो गोलवलकर ने लिखा था बंच ऑफ थॉट्स में.. रिजेक्ट करिये जो गोलवलकर ने आपके ऑर्गनाइजर 1947 में लिखा था..।” बता दें कि आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने अपने लेक्चर में कहा था, “हिंदू राष्ट्र का मतलब यह नहीं है कि इसमें मुस्लिम नहीं रहेगा, जिस दिन ऐसा कहा जायेगा, उस दिन वो हिंदुत्व नहीं रहेगा, हिंदुत्व तो विश्व कुटुंब की बात करता है।”

मोहन भागवत कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बगल में बैठाने को लेकर भी सुर्खियों में रहे। नवाजुद्दीन अपनी आने वाली फिल्म ‘मंटो’ का प्रीमियर को छोड़कर संघ के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। मोहन भागवत ने अपने भाषण में कई सौहार्दपूर्ण बातें कहीं।